Government: योगी सरकार ने ई-कारोबारियों को दी बड़ी राहत, समाधान का मिलेगा लाभ, कैबिनेट की मंजूरी
Government: राज्य सरकार ने ई-कामर्स के गुड्स कारोबारियों को राहत देते हुए समाधान योजना का लाभ देने का फैसला किया है। इसके एवज में कुल कारोबार का उन्हें एक फीसदी टैक्स देना होगा। इसके साथ ही उन्हें राज्य के बाहर भी कारोबार की सुविधा होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में उत्तर प्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम-2017 में संशोधन के लिए अध्यादेश-2023 को मंजूरी दी गई।
व्यापारियों को सहूलियतें देने में सहायता मिल सकेगी
राज्य सरकार (Government) ने केंद्र द्वारा किए गए संशोधन के आधार पर इसे किया है। इससे जीएसटी व्यवस्था को और बेहतर ढंग से लागू करने और व्यापारियों को सहूलियतें देने में सहायता मिल सकेगी। जीएसटी में अभी तक ई-कामर्स के माध्यम से गुड्स का कारोबार करने वाले व्यापारियों को समाधान का लाभ नहीं मिलता था।
इस श्रेणी के उत्पादों पर अलग-अलग टैक्स देना पड़ता था
गुड्स और सर्विस एक साथ हुआ करता था। इसके चलते इस श्रेणी के उत्पादों पर अलग-अलग टैक्स देना पड़ता था और उन्हें कारोबार में भी परेशानी होती थी। अध्यादेश में ऐसे कारोबारियों को समाधान लेने का लाभ दे दिया गया है।उन्हें कुल कारोबार का एक फीसदी जमा करने पर समाधान का लाभ मिलेगा। इसके बाद उन्हें रिर्टन दाखिल नहीं करना पड़ेगा। समाधान का लाभ लेने वाले ई-कामर्स कारोबारियों को आईटीसी का क्लेम नहीं मिलेगा।
कम्पांडिंग व्यवस्था बदली
इसके साथ की कम्पाउंडिंग व्यवस्था में भी बदलाव कर दिया गया है। अभी तक कम्पाउंडिंग की न्यूनतम 30 हजार और अधिकतम 1.5 फीसदी देने की व्यवस्था थी। नई व्यवस्था में न्यूतम टैक्स की सीमा 25 फीसदी और अधिकतम 100 फीसदी कर दिया गया है। इससे कम्पांडिंग का लाभ लेने वाले व्यापारियों को आधे फीसदी का फायदा होगा।
राज्य ट्रिब्यूनल पीठ का होगा गठन
इसके साथ ही जीएसटी से जुड़े वादों के निस्तारण के लिए राज्य ट्रिब्यूनल पीठ गठन का फैसला किया गया है। हालांकि पहले भी इसकी व्यवस्था थी, लेकिन केंद्र के निर्देश पर नए सिरे से इसके गठन का फैसला किया गया है। इसे राज्य पीठ के नाम से भी जाना जाएगा।
