food processing:यूपी सरकार ने लागू की खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023, कई नई सुविधाएं मिलेंगी
food processing:यूपी सरकार ने प्रदेश की खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 को लागू कर दी है।
दो फरवरी को कृषि उत्पादन आयुक्त मनोज कुमार सिंह ने इसे जारी कर दिया।
इस नीति में सबसे खास बात यह है कि किसी भी कार्य के आवेदन को पूरा करने की समय सीमा तय की गई है।
अगर तय समय में वह नहीं होता है तो उसे स्वत: ही पूरा हुआ माना जाएगा।
विशेषज्ञों की मानें तो नई खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति अब तक बनी नीतियों से काफी बेहतर और आकर्षक है।
नई नीति को पूरी तरह से पारदर्शी बनाने की कोशिश की गई है।
इसके तहत नया उद्योग लगाने पर 35 प्रतिशत या पांच करोड़ रुपये के अनुदान का प्रावधान किया गया है।
भू-उपयोग परिवर्तन पर एकमुश्त मात्र दो फीसदी शुल्क लिया जाएगा जबकि बाहरी विकास शुल्क भी एकमुश्त मात्र
50 हजार रुपये रखा गया है। इसके अलावा एक करोड़ रुपये तक के ऋण पर ब्याज में छूट का प्रावधान किया गया है।
कोल्ड चेन स्थापित करने पर 10 करोड़ रुपये तक की छूट की व्यवस्था है
जबकि दूसरे राज्यों या बाहर कहीं से भी कच्चा माल मंगाने पर प्रदेश में उस पर कोई मंडी शुल्क नहीं लगेगा
अर्थात मंडी शुल्क और उपकर पूरी तरह से माफ किया गया है। निर्यात करने पर भाड़े का 25 फीसदी अनुदान मिलेगा।
इसके अतिरिक्त खाद्य प्रसंस्करण (food processing) इकाई की स्थापना के लिए
खरीदी जाने वाली भूमि पर स्टाम्प शुल्क में छूट मिलेगी। वहीं इकाई को बिजली आपूर्ति के लिए
सौर ऊर्जा परियोजनाओं पर भी सब्सिडी का प्रावधान किया गया है।
इसी प्रकार से इकाइयों की स्थापना के लिए संयंत्र, मशीनरी और तकनीकी सिविल
कार्यों पर किए गएखर्चे का 35 फीसदी या पांच करोड़ की सब्सिडी दी जाएगी।
