Electricity:अब यूपी के इन जिलों में नगद खरीदनी होगी बिजली, ये है फायदे
Electricity: यूपी का बिजली निगम लगातार खुद को अपडेट करता जा रहा है।
मैकेनिकल मीटर से लेकर स्मार्ट मीटर तक के इस सफर में कई सारे परिवर्तन हुए,
लेकिन विभाग का फायदा नहीं हुआ। ऐसे में पावर कॉरपोरेशन ने घाटे से उबरने के लिए
स्मार्ट प्रीपेड मीटर की योजना शुरू की है। पहले चरण में डीवीवीएनएल के
आठ जिलों के पोस्टपेड मीटर की जगह स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए जाएंगे।
यानी इन जिलों में आने वाले कुछ महीनों में घर-घर बिल निकालने की परंपरा खत्म हो जाएगी।
इसके अलावा डीवीवीएनएल के बाकी बचे 13 जिलों में दूसरे चरण में कार्य किया है।
अलीगढ़ जोन के लगभग 13 लाख 75 हजार उपभोक्ताओं समेत आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद
और मैनपुरी के लगभग 25 लाख पोस्टपेड मीटर को बदला जाएगा।
इन उपभोक्ताओं के घर पर जीएमआर कम्पनी का प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे।
विभाग इस मीटर के लगाने का चार्ज उपभोक्ताओं से नहीं लेगी। इस पर करीब निगम का 25 करोड़ रुपये खर्च आएगा।
घरों, दफ्तरों और कारखानों की बिजली अब रीचार्ज सिस्टम से चालू और बंद होगी।
मीटर में बैलेंस खत्म होते ही बिजली बंद हो जाएगी। रीचार्ज कराते ही Electricity आ जाएगी।
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डीवीवीएनएल ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने के लिए दो बिजली कंपनियों को टेंडर दिया है।
जीएमआर कम्पनी अलीगढ़, हाथरस, एटा, कासगंज, आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद
और मैनपुरी जिले में प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाएगी। सिंगल फेस से लेकर थ्रीफेस के मीटर इसी कम्पनी के रहेंगे।
डीवीवीएनएल से इस कम्पनी का एलओआई जारी कर दिया गया है।
जल्द ही विभाग एग्रीमेंट भी कर देगा। इसके बाद 27 महीने के भीतर कम्पनी को कार्य पूरा करना है।
करीब 10 साल तक कम्पनी इन प्रीपेड स्मार्ट मीटर का मेंटेनेंस करेगी। इसके बाद निगम को हैंडओवर होगा।
स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने के हुए दो टेंडर
डीवीवीएनएल के 21 जिलों में स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने के लिए दो टेंडर हुए हैं।
दोनों टेंडर खुल चुके हैं। जोन आगरा प्रथम व द्वितीय और अलीगढ़ में प्रीपेड मीटर लगाने का कार्य
जीएमआर कम्पनी को मिला है। वहीं कानपुर, झांसी, बांदा और केस्को डिस्काम में
स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने का कार्य जीनस कम्पनी को मिला है।
औरैया, जालौन, झांसी, ललितपुर, महोबा, कन्नौज, इटावा, फर्रुखाबाद, हमीरपुर, कानपुर, कानपुर देहात,
बांदा और केस्को में जीनस कम्पनी के स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए जाएंगे।
ऐसे चलेगा पूरा सिस्टम
प्रीपेड मीटर में एक छोटा सा मॉडम लगा रहेगा। इसे सर्वर के साथ-साथ उपभोक्ताओं के
मोबाइल से कनेक्ट कर दिया जाएगा। उपभोक्ताओं को पता रहेगा कि उनके पास कितना बैलेंस है।
रीचार्ज खत्म होने से पहले ही फोन पर बैलेंस रीचार्ज करने का मैसेज चला जाएगा।
प्रीपेड मीटर की रीडिंग को बिना लोकेशन पर गए सर्वर रूम या ऑफिस में बैठकर कंप्यूटर से देखा जा सकेगा।
प्रीपेड मीटर ये हैं लाभ
– स्मार्ट मीटर को फोन से रीचार्ज कर सकेंगे।
– बिना रीचार्ज किए बिजली नहीं जला पाएंगे।
– रीचार्ज प्लान के मुताबिक बिजली की खपत।
– बिजली की खपत नहीं, तो कोई बिल नहीं।
– कंपनी को एडवांस में मिलेगी रकम
ऐसे हैं पुराने मीटर
– पुराना मीटर आसानी से बंद कर सकते हैं।
– छेड़छाड़ करना काफी आसान है।
– मीटर में आसानी से सर्किट लगा सकते हैं।
– बिजली चोरी का नुकसान ईमानदार उपभोक्ताओं को है।
– कंपनी को डेढ़ से दो माह बाद मिलता है पैसा।
