Electricity connection:25 हजार घर होंगे कवर ! चुनाव खत्म उधर बिजली निगम की बड़ी तैयारी
Electricity connection: गोरखपुर जोन के 25 हजार 16 घर सौभाग्य योजना से रोशन होंगे। ये जोन के ऐसे परिवार हैं
जिनके घरों में अब तक रोशनी नहीं पहुंची थी। लोकसभा चुनाव के खत्म होते ही
इन परिवारों को सौभाग्य योजना का कनेक्शन दिया जाएगा। इस काम पर 134 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
इसके लिए केंद्र सरकार ने चुनाव से पहले ही बजट जारी कर दिया था
लेकिन चुनाव आचार संहिता की वजह से काम नहीं हो पा रहा था।
बिजली निगम इसके लिए निविदा की प्रक्रिया शुरू करेगा
चार जून को मतगणना के बाद चुनाव परिणाम आ जाएगा। इसके बाद दो से तीन दिनों के अंदर
आचार संहिता भी खत्म हो जाएगी। इसके बाद बिजली निगम इसके लिए निविदा की प्रक्रिया शुरू करेगा।
पहले चरण में बिजली देने के लिए 25 केवीए के 1372 ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे जिससे की लोड अधिक न पड़े।
केंद्र सरकार ने सौभाग्य योजना की शुरुआत सितंबर 2017 में की थी।
पहले और दूसरे चरण के सौभाग्य योजना में जिले के ढाई लाख से ज्यादा घरों को
कनेक्शन (Electricity connection) दिया गया।इसके लिए केंद्र सरकार ने
केवल 500 रुपये लिए। बदले में केबल बोर्ड, स्विच और एलईडी बल्ब दिया था।
यह रुपये 10 किस्तों में जोड़े गए। लेकिन इन सबके बीच पिछले सात सालों में आबादी बड़ी और घरों के निर्माण हुए
तो सरकार ने तीसरे चरण की शुरुआत की। इस चरण में 2516 लोग लाभान्वित होंगे।
इन्हें मिलेगा कनेक्शन (Electricity connection)
उपभोक्ता के पास तीन से कम पक्के कमरे के मकान में रहता हो। पांच एकड़ से ज्यादा जमीन नहीं चाहिए।
यह भी पढ़ें : Electricity connection: अब बिना नोटिस के आपके बिजली कनेक्शन पर नहीं हो पाएगा यह काम,नया आदेश जारी,जानें पूरा डिटेल
परिवार में आयकर कोई देने वाला न हो। किसान क्रेडिट कार्ड की क्षमता 50 हजार से कम हो।
इसके अलावा दस्तावेज के रूप में आधार कार्ड, आय और जाति प्रमाण पत्र,
बैंक खाता पासबुक, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी, पैन कार्ड आदि जरूरी है।
जिला घर खर्च
- गोरखपुर 1800 11.083 करोड़
- देवरिया 3736 24.157 करोड़
- कुशीनगर 16189 83.243 करोड़
- महराजगंज 3291 15.628 करोड़
क्या बोले अफसर
गोरखपुर जोन के चीफ आशु कालिया ने बताया कि सौभाग्य योजना के तीसरे चरण में गोरखपुर जोन के
महराजगंज, कुशीनगर, गोरखपुर और देवरिया में 25 हजार घरों को
कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा गया है। आचार संहिता खत्म होते ही प्रक्रिया शुरू होगी।
