Electricity:बिजली की दरें बढ़ने के बाद किन उपभोक्ताओं पर कितना असर? आंकड़े दे रहे तगड़ा झटका
Electricity:यूपी में 23 प्रतिशत तक बिजली की दरों को बढ़ाने के प्रस्ताव से आम घरेलू उपभोक्ताओं की जेब पर बड़ा
असर पड़ेगा। उप्र राज्य विद्युत नियामक आयोग में दाखिल प्रस्तावित बढ़ी हुई दरों से आगरा में करीब तीन लाख
बिजली (Electricity) उपभोक्ता सर्वाधिक प्रभावित होंगे। 300 से 500 यूनिट प्रतिमाह की खपत वाले
करीब तीन लाख उपोक्ताओं का प्रतिमाह बिजली (Electricity) का बिल करीब 500 रुपये बढ़ जाएगा।
आगरा शहरी क्षेत्र में टोरंट पावर के साढ़े तीन लाख और देहात क्षेत्र में डीवीवीएनएल के पांच लाख उपभोक्ता हैं।
प्रस्तावित बिजली दरों की बात करें तो फिक्स चार्ज के साथ प्रति यूनिट बिजली की दरों में बढ़ोत्तरी की सिफारिश की गई
है। विद्युत विभाग से रिटायर जेई एसके शर्मा का कहना है कि बिजली की बढ़ी हुईं
दरों का सर्वाधिक प्रभाव मध्यम आय वर्ग के परिवारों पर पड़ता है।
ऐसे परिवार प्रतिमाह 300 से 500 यूनिट बिजली के बीच की खपत करते हैं।
इस बार के प्रस्ताव में इन्हीं उपभोक्ताओं को टारगेट करते हुए सर्वाधिक 1.50 रुपये प्रति यूनिट की बढ़ोत्तरी की
सिफारिश की गई है। एसके शर्मा ने कहा कि यदि प्रस्तावित दरों को सरकार ने स्वीकार कर लिया
तो उपभोक्ताओं की जेब पर 200 से लेकर 500 रुपये प्रतिमाह का अतिरिक्त भार पड़ना तय है।
इतनी वृद्धि सरकार नहीं करती है मंजूर
रिटायर जेई एसके शर्मा ने कहा कि बिजली कंपनियां हमेशा 20 प्रतिशत से अधिक बढ़ोत्तरी का
प्रस्ताव नियामक आयोग में भेजती हैं। परंतु वोट बैंक की राजनीति के चलते कोई भी
सरकार पांच प्रतिशत से अधिक बढ़ोत्तरी को मंजूरी नहीं देती है। उन्होंने कहा कि अभी बिजली की दरों को बढ़ाने के लिए
सरकार की मंजूरी में तीन से चार महीने लगेंगे। उपभोक्ताओं पर
कितना बोझ पड़ेगा, इसके सटीक आंकलन में अभी समय लगेगा।
