e stamps: यूपी में जल्द ही बंद हो जाएंगे कागजी स्टांप, ई-स्टांप ही चलेंगे; जानें तैयारी
e stamps: यूपी में कागजी स्टाम्प जल्द ही बंद हो जाएंगे। सरकार भी चाहती है
कि बचे हुए स्टाम्प पेपर खत्म हो जाएं तो पूरी तरह ई-स्टाम्प ही
चलन में आ जाएं। अभी 99.99 फीसदी कार्य ई स्टाम्प (e stamps) से ही हो रहा है।
कलेक्ट्रेट कोषागार में 150 करोड़ रुपये के पेपर यानी कागज के स्टाम्प बचे हैं।
इनमें 10, 20, 50, 100, 500, 1000, 5000, 10000, 20000 और 25000 के स्टाम्प शामिल हैं।
ई-स्टाम्प (e stamps) का प्रयोग आसान है। सहायक महानिरीक्षक
निबंधन एसके त्रिपाठी ने सभी स्टाम्प वेंडरों को चिट्ठी जारी की है।
इसमें भी कागजी स्टाम्प का अधिक से अधिक प्रयोग करने का निर्देश दिया गया है।
लखनऊ में 350 से अधिक स्टाम्प वेंडर हैं। पिछले दो वर्षों से ई-स्टाम्प वेंडरों के ही लाइसेंस जारी किए जा रहे हैं।
लखनऊ की पांचों तहसीलों को मिलाकर सालाना 23 अरब के सिर्फ बैनामे होते हैं।
बड़े कागजी स्टाम्प सरदर्द बन रहे
जहां ई स्टाम्प का कार्य तुरंत हो जाता है वहीं कागजी स्टाम्प में झमेला है।
स्टाम्प वेंडरों के अनुसार पैसा जमा कर के स्टेट बैंक से ड्राफ्ट बनवाकर चालान फिर
ट्रेजरी से प्रमाणित कराने का लम्बा चक्कर है। इसीलिए ई स्टाम्प का प्रयोग हो रहा है।
कागजी स्टाम्प चलन से बाहर होते जा रहे हैं। पांच हजार के स्टाम्प वारिसान
और अन्य जरूरी कार्यों में प्रयोग हो जा रहे हैं। बड़े स्टाम्प कोई ले नहीं रहा।
