Drink: शराब के शौकीनों के लिए बुरी खबर, दो दिन इन 38 जिलों में बंद रहेंगी दुकानें, बियर तक नहीं मिलेगी
drink: चुनावी मौसम में शराब के शौकीनों के लिए बुरी खबर है। दो दिनों तक शराब की दुकानें बंद रहेंगी।यहां तक कि भांग और बियर तक नहीं मिल पाएगी। बदायूं जिला निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार ने शांति व्यवस्था बनाये रखने के उद्देश्य से जनपद में शराब, बियर, भांग की दुकानें मतदान व मतगणना के दृष्टिगत बंद रखने के निर्देश जारी किये हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि मतदान को लेकर नौ मई की शाम छह बजे से 11 मई के लिये मतदान समाप्ति तक सभी प्रकार की शराब की दुकानें बंद रहेंगी। 12 मई की शाम छह बजे से 13 मई मतगणना समाप्ति तक शराब, बियर,भांग की दुकानें खोलने पर पाबंदी रहेगी।
इन जिलों में भी बंद रहेंगी शराब की दुकानें
11 मई को सात नगर निगम समेत 38 जिलों में वोटिंग होगी। वोटिंग से 48 घंटे पहले चुनाव-प्रचार का शोर भी पूरी तरह से थम जाएगा। इसी के साथ चुनाव वाले क्षेत्रों में शराब, बियर और भांग की दुकानें भी बंद हो जाएंगी। मेरठ, हापुड़, गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, बागपत, बुलंदशहर, बदायूं, शाहजहांपुर, बरेली, पीलीभीत, हाथरस, कासगंज, एटा, अलीगढ़, कानपुर नगर, कानपुर देहात, फर्रुखाबाद, इटावा, कन्नौज औरैया, हमीरपुर, चित्रकूट, महोबा, बांदा, अयोध्या, सुलतानपुर, अंबेडकरनगर, बाराबंकी, अमेठी, बस्ती, संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, सोनभद्र, भदोही व मिर्जापुर में नौ मई की शाम से 11 मई को वोटिंग होने तक शराब और बियर की दुकानें बंद रहेंगी।
प्रत्याशी हार-जीत की एक साथ उतारेंगे थकान
निकाय चुनाव में नेताओं के बीच राजनीतिक जंग जारी है। सबका मिशन एक कुर्सी है उसके लिए निकाय चुनाव को प्रचार-प्रसार करने एवं जनसंपर्क में दिनरात एक कर दी है। थकान होने के बाद भी स्थानीय नेता बिल्कुल थकान मानने को तैयार नहीं हैं। जीत का लक्ष्य लेकर जुटे हैं अब मतदान और मतगणना कराने के बाद ही एक साथ हारजीत की थकान को दूर करेंगे। जिले में सात नगर पालिका और 14 नगर पंचायत में अध्यक्ष और सदस्य पद के लिए चुनाव चल रहा है। 11 मई को जिले में मतदान किया जायेगा इसके एक दिन बाद 13 मई को मतगणना की जायेगी। जिले में अध्यक्ष पद के लिए 167 तथा सदस्य पद के लिए 1479 प्रत्याशी मैदान में हैं। जिसमें वोट पड़ने के बाद मतगणना में साफ हो जायेगा कि किसकी मेहनत कामयाब हुई। हालांकि निकाय चुनाव में मेहनत सभी कर रहे हैं दिन रात मेहनत भी सभी कर रहे हैं सभी को थकान हुई है और सभी एक साथ अब मतगणना के बाद ही उतार पायेंगे। क्योंकि मतदान के अलगे ही दिन मतगणना की तैयारियां करनी होगी। जिसमें मतगणना एजेंट भी सैट करने हैं और तमाम तैयारियां जुटानी होंगी। यह तैयारियां भी अध्यक्ष से लेकर सदस्य पद के सभी प्रत्याशियों को तैयारियां करनी होगी।
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