Coronas: कोरोना के मामले यूपी में भी बढ़े, इन छह जिलों में विशेष सतर्कता के निर्देश
coronas: यूपी की योगी सरकार ने कोरोना को लेकर सतर्कता के निर्देश दिए हैं।
यूपी में कोरोना को लेकर लखनऊ, कानपुर, आगरा, प्रयागराज, गोरखपुर व वाराणसी को
संवेदनशील मानते हुए विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।
मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने कहा है कि प्रदेश में पिछले कुछ दिनों में कोविड-19 के मामलों में
आंशिक वृद्धि हुई है, लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है, सावधानीपूर्वक काम करें।
मुख्य सचिव बुधवार को मंडलायुक्तों व जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के
दौरान कहा कि पूर्व लहरों में एनसीआर क्षेत्र के जिलों भी प्रभावित हुए थे।
इन जिलों में विशेष सतर्कता बरती जाए। टेस्टिंग की संख्या बढ़ाई जाए।
कोविड-19 के सूचित होने वाले स्थानों पर कोविड-19 की सैंपलिंग कराई जाए।
कोविड-19 की तैयारियों को परखने के लिए 11 व 12 अप्रैल को मॉकड्रिल का आयोजन किया
जाएगा, सभी तैयारियां समय से पूरी कर ली जाए। डेडिकेटेड चिकित्सालय व वार्ड को तत्काल
क्रियाशील कराया जाए। अस्पतालों में औषधियों, पीपीई किट्स, ग्लब्स, मास्क आदि
की उपलब्धता एवं ऑक्सीजन प्लांट व कंसंट्रेटर आदि की क्रियाशीलता सुनिश्चित कराई जाए।
उन्होंने कहा कि चौराहे पर लगे पब्लिक एड्रेस सिस्टम बहुत बड़े एसेट हैं।
इनके जरिए कोविड-19 के लिए जागरूक करने के अतिरिक्त अन्य महत्वपूर्ण सूचनाएं जैसे-
मिलेट्स, ट्रैफिक आदि की जानकारी भी लोगों को दे सकते हैं।
इस पर कुछ अच्छे देश भक्ति के गानों को भी बजा सकते हैं, जिससे लोगों का इंटरेस्ट बना रहेगा।
उन्होंने कहा कि एक अप्रैल से शुरू होने वाले संचारी रोग नियंत्रण और स्कूल चलो
अभियान को सफल बनाया जाए। दस्तक अभियान 17 अप्रैल से शुरू होने से
पहले सभी तैयारियां पूरी कर ली जाए। अभियान में जनप्रतिनिधियों की सहभागिता अवश्य
सुनिश्चित कराई जाए। स्कूल चलो अभियान में इस वर्ष दो करोड़ से अधिक विद्यार्थियों का पंजीकरण
कराना है। अभियान के दौरान शिक्षकों द्वारा घर-घर
जाकर बच्चों को शिक्षा के महत्व के बारे में बताया जाए।
सरकारी के साथ निजी अस्पतालों के लिए अलर्ट
सरकार ने सभी फ्रंटलाइन वर्कर्स एवं अस्पतालों (सरकारी एवं निजी) को सतर्क रहने को कहा है।
आधिकारिक सूत्रों ने गुरूवार को बताया कि सभी जिलो में रेस्परेटरी ट्रैक्ट
इंफेक्शन (आरटीआई), इंफ्लुएंजा लाइक इलनेस (आईएलआई) और सीवियर एक्यूट रेस्परेटरी
इंफेक्शन (सारी) के मामलों की सघन निगरानी के भी नर्दिेश दिए गए हैं।
सीवियर एक्यूट रेस्परेटरी इंफेक्शन (सारी) केसेज की कोविड जांच निगेटिव होने पर
सीजनल इंफ्लुएंजा की जांच कराने को कहा गया है।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश में बीते कुछ दिनों में कोविड-19 के मामलों में आंशिक वृद्धि देखने को
मिली है। 28 मार्च को कोविड-19 के सक्रिय रोगियों की संख्या 340 थी।ऐसे में योगी सरकार ने
कोविड-19 के प्रबंधन के लिए आवश्यक व्यवस्था करने के निर्देश जारी किए हैं।
28 मार्च तक जो जिले कोविड-19 से सबसे ज्यादा ग्रस्त हैं उनमें गौतमबुद्धनगर (57),
गाजियाबाद (55), लखीमपुर खीरी (44), लखनऊ (27), बिजनौर (12), ललितपुर (9) और
सहारनपुर (8) हैं। इन जिलों के लिए सावधानीपूर्वक वर्तमान
स्थिति पर नजर रखे जाने को आवश्यक बताया गया है।
प्रभावित जिलों में टेस्टिंग और ट्रीटमेंट बढ़ाने के लिए भी कहा गया है।
