building: दर्जनों हेरिटेज इमारतों को लेकर यूपी सरकार का बड़ा कदम, क्या है योजना?
building: लखनऊ की छतर मंजिल, कोठी गुलिस्तां ए आम, कोठी दर्शन विलास,
कोठी रोशनउद्दौला, मिर्जापुर ¸में चुनार का किला, झांसा का बरुआ सागर फोर्ट,
बरसाना का जल महल, कानपुर की टिकैत राय बारादरी सहित तमाम हेरिटेज सरकारी इमारतें
राज्य सरकार लीज पर देने जा रही है। बुंदेलखंड की 30 से अधिक हेरिटेज प्रॉपर्टी भी निजी
निवेशकों को देने की तैयारी है। इसके अलावा प्रदेश के तमाम राजा-महाराजाओं के
किलों-हवेलियों को भी विकसित कर पर्यटन को बढ़ावा
देने के लिए सरकार ने नई पर्यटन नीति में व्यवस्था की है।
राजस्थान की तर्ज पर विकसित करेंगे यूपी के किले-हवेलियां
बुधवार को विधानसभा के तिलक हॉल में हेरिटेज पर्यटन संगोष्ठी में पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने
विभिन्न रियासतों-रजवाड़ों से ताल्लुक रखने वालों को प्रदेश के पर्यटन विकास में सहगामी बनने
का न्योता दिया। उन्होंने कहा कि सरकार खुले दिल से उन सबकी मदद को तैयार है।
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जयवीर ने कहा कि राजस्थान में पूर्व मुख्यमंत्री स्व. भैरव सिंह शेखावत ने पुराने किलों को होटल का
रूप देकर पर्यटन गतिविधियों को बढ़ाया था। इसी तर्ज पर यूपी में पुराने किलों-हवेलियों,
इमारतों को होटल के रूप में विकसित कर पर्यटन को बढ़ावा दिये जाने की रणनीति बनाई गयी है।
जल्द खत्म होगा सराय एक्ट
उन्होंने कहा कि इन ऐतिहासिक धरोहरों की मार्केटिंग तथा ब्रान्डिंग के साथ ही
व्यापक प्रचार-प्रसार करके अधिक से अधिक देशी-विदेशी सैलानियों को
आकर्षित किया जाएगा। इससे प्रदेश में रोजगार के साथ-साथ आमदनी के
रास्ते खुलेंगे। जल्द अंग्रेजों के शासन में बने सराय एक्ट को भी खत्म करने जा रहे हैं ताकि निवेशकों
को असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि हेलीपोर्ट सर्किट विकसित करने की योजना है।
किलों-महलों के संरक्षण की पहल अच्छी : मानवेंद्र
विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेन्द्र सिंह ने कहा कि पूर्वजों द्वारा बनाये गये
पुराने किले, महल आदि को सुरक्षित एवं संरक्षित करने के लिए यह एक अच्छी पहल है।
कहा कि हमारे पूर्वजों ने इसलिए भवन नहीं बनाए थे कि हम उन्हें सरकार को सौंप दें।
उन्होंने सभी ऐतिहासिक इमारतों की सूची बनाने का सुझाव दिया।
श्री प्रद्युम्न सिंह, संस्थापक, हेरीटेज हास्पिटेलिटी एसोसिएशन ने भी हेरिटेज टूरिज्म को
बढ़ाने के लिए राज्य सरकार द्वारा किये जा रहे प्रयासों की सराहना की।
हेरिटेज भवनों के लिए हों अलग अधिकारी
इस अवसर पर अमरनाथ निमराना होटल ग्रुप के स्वामी ने कहा कि यूपी में
हेरीटेज टूरिज्म की असीमित संभावनाएं हैं। राज्यमंत्री चिकित्सा एवं स्वास्थ्य
मयंकेश्वर शरण सिंह ने कहा कि हेरिटेज भवनों के लिए अलग अधिकारी नियुक्त करें।
यह धार्मिक पर्यटन का काम देखने वालों से अलग हों जिन्हें अयोध्या,
काशी और गोरखपुर न जाना पड़े। पूर्व मंत्री राजा महेंद्र अरिदमन सिंह ने कहा
कि ज्यादातर हेरिटेज भवन स्वामियों के पास धन की दिक्कत है।
बैंक से लोन लेने में भी परेशानी है। पर्यटन विभाग 1990 से बात कर रहा है
मगर इसे जमीन पर उतारना जरूरी है। उन्होंने सलाह की दी कि जिलाधिकारियों के माध्यम से
सभी हेरिटेज प्रापर्टी की लिस्ट बनाई जाए। पूर्व सांसद गंगाचरण राजपूत ने कहा कि
कई जगह पुरानी हेरिटेज भवनों में सरकारी दफ्तर खुल गए हैं।
इन्हें हटाने में भी सरकार मदद करे। नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएं।
इस मौके पर अमेरिका से आए रविप्रकाश, अनिलेश आहुजा,
रितु झा के अलावा कई निवेशकों ने भी सुझाव दिये। संगोष्ठी में विशेष सचिव पर्यटन अश्वनी
कुमार पाण्डेय, निदेशक पर्यटन प्रखर मिश्र एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
