बेरोजगारों को मिलेगा रोजगार,योगी सरकार ने FDI पॉलिसी 2023 के तहत पहली लैंड सब्सिडी को दी मंजूरी
FDI: यूपी में फॉरेन डायरेक्ट इंवेस्टमेंट पॉलिसी 2023 यानी एफडीआई 2023 के तहत
योगी सरकार ने पहली कंपनी को फ्रंट-एंड भूमि सब्सिडी देने करने का निर्णय लिया है।
इस संबंध में अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त मनोज कुमार सिंह की
ओर से फूजी सिल्वरटेक कंक्रीट प्राइवेट लिमिटेड (एफएससीपीएल) द्वारा
प्रस्तावित प्रोजेक्ट के लिए फ्रंट-एंड भूमि सब्सिडी प्रदान करने की मांग के
सापेक्ष लेटर ऑफ अप्रूवल व एलिजिबल सर्टिफिकेट जारी किया है।
बता दें है कि हाल ही में योगी कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश फॉरेन डेवलपमेंट पॉलिसी को मंजूरी दी थी।
पॉलिसी बनने के बाद किसी भी कंपनी को लैंड सब्सिडी की मंजूरी का यह पहला केस है।
75% अनुदान की मिली स्वीकृति
एफएससीपीएल के एमडी को भेजे गए इस लेटर ऑफ अप्रूवल में कहा गया है
कि इंवेस्ट यूपी की मूल्यांकन समिति ने 22 नवंबर 2023 को आयोजित
बैठक में प्रस्ताव का मूल्यांकन किया और फ्रंट-एंड भूमि सब्सिडी के अनुदान के लिए
एफडीआई, फॉर्च्यून ग्लोबल 500 और फॉर्च्यून इंडिया 500 कंपनियों की निवेश प्रोत्साहन नीति
2023 के खंड 31 के अनुसार गठित अधिकार प्राप्त समिति को मामले की सिफारिश की।
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सक्षम प्राधिकारी ने यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण,
गौतमबुद्ध नगर जिले में 10 हेक्टेयर (लगभग 25 एकड़) भूमि के लिए परियोजना के लिए
फ्रंट-एंड भूमि सब्सिडी का 75% अनुदान देने के आपके प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
परियोजना में 700 लोगों को मिलेगा रोजगार
यह परियोजना यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) में प्रस्तावित है।
परियोजना वेट कास्ट टेक्नोलॉजी और सल्फर कंक्रीट टेक्नोलॉजी का
उपयोग करके प्रीकास्ट कंक्रीट उत्पादों के निर्माण से संबंधित है।
इसके चरण-1 में 650 टीपीडी की स्थापित क्षमता होगी और चरण-2 में 350 टीपीडी की अतिरिक्त क्षमता होगी।
चरण-1 की परियोजना लागत 150 करोड़ रुपए और फेज-2 भी 150 करोड़ रुपए होगी।
परियोजना के चरण-1 से लगभग 700 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा।
चरण-1 के वित्त की प्रस्तावित संरचना के अनुसार विदेशी पूंजी
100 करोड़ रुपए (स्टैंडबाय लेटर ऑफ क्रेडिट के माध्यम से 85 करोड़ रुपए
और इक्विटी के माध्यम से 15 करोड़ रुपए), जबकि भारतीय प्रमोटर
द्वारा 50 करोड़ रुपए (जिसमें 10 करोड़ रुपए इक्विटी और 40 करोड़ रुपए का कर्ज) का निवेश शामिल है।
विनिर्माण क्षेत्र को मिलेगी रफ्तार
फूजी सिल्वरटेक कंक्रीट प्राइवेट लिमिटेड (एफएससीपीएल) भारत में
प्री कास्ट कंक्रीट उत्पादों की विनिर्माण सुविधाओं को स्थापित करने और संचालित करने के लिए
गठित एक स्पेशल पर्पज व्हीकल (एसपीवी) है। विनिर्माण सुविधाएं फूजी
कंक्रीट इंडस्ट्री कंपनी लिमिटेड (एफसीआईसीएल) और टोयोटा कोखी
कंपनी लिमिटेड (टीकेसीएल) के स्वामित्व वाली वेट कास्ट तकनीक और सल्फर कंक्रीट तकनीक पर आधारित होंगी,
जो एफएससीपीएल में संयुक्त उद्यम भागीदार हैं। एफसीआईसीएल 1970 से काम कर रही है
और टीकेसीएल 1966 से काम कर रही है। ये दोनों जापान में स्थित हैं।
फूजी जापान अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी और 100 सालों का सामूहिक अनुभव लेकर आती है।
कंपनी के भारत में दो प्लांट हैं, एक बागोदरा, गुजरात में और दूसरा औरंगाबाद, महाराष्ट्र में।
यीडा में प्रस्तावित विनिर्माण संयंत्र उत्तर भारत में कंपनी की पहली विनिर्माण इकाई होगी।
