transgender: अब नाच-गाना नहीं,दफ्तरों में काम करते नजर आएंगे किन्नर

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transgender: अब नाच-गाना नहीं,दफ्तरों में काम करते नजर आएंगे किन्नर

transgender: अब घर में किन्नर पैदा होने पर किसी मां-बाप को शर्मीदंगी नहीं होगी।

जिस तरह बेटा या बेटी मां-बाप के बुढ़ापे की लाठी बनता है, बेहतर शिक्षा पाकर

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एक transgender भी बड़े होकर अपने परिवार की जीविका का साधन बन सकता है।

जम्मू-कश्मीर सरकार ने किन्नर समुदाय को सरकारी नौकरी( Government job for Transgender) का

हकदार बनाकर उन्हें भी समाज का महत्वपूर्ण अंग बनने का अवसर प्रदान किया है।

सरकारी नौकरी के हकदार बने किन्नर समुदाय के लोग

यह बात transgender समुदाय की रवीना महंत ने जागरण से बात करते हुए कही।

उन्होंने कहा कि समाज हर तरह के लोगों से मिलकर बनता है। अलग-अलग लोगों का भिन्न-भिन्न पेशा होता है।

यह भी पढ़ें :transgender: प्रेम चढ़ा परवान: एक नजर में किन्नर को दिल दे बैठा शख्स, मंदिर पहुंच रचाई शादी; कुछ ऐसी थी पहली मुलाकात

जिसका सम्मान करना सबका दायित्व बनता है, लेकिन इसी समाज में रहने वाले

किन्नर समुदाय व उनके काम को सम्मान नहीं दिया जाता। अब ऐसा नहीं रहेगा।

जम्मू-कश्मीर सरकार ने यहां के transgender समाज को सरकारी नौकरियों का

हकदार बनाकर सम्मानपूर्वक जीवन जीने का रास्ता दिखाया है।

डॉक्टर इंजीनियर बनकर किन्नर देश के विकास में देंगे सहयोग

रवीना महंत ने अपने समुदाय से भी इस अवसर का लाभ उठाते हुए

अपने बच्चों को शिक्षा क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करने को कहा।

उन्होंने कहा कि एक दिन वह समय भी आएगा जब उनकी जीविका का साधन केवल नाचना,

गीत गाना और दूसरों की खुशियों में शामिल होना नहीं रह जाएगा। विभिन्न क्षेत्रों में डिग्रीयां पाकर,

डॉक्टर, इंजीनियर बनकर किन्नर समाज के युवा समाज व देश की प्रगति में अपना पूरा सहयोग देंगे।

‘किन्नर को दिए जाएं सभी अधिकार’

रबिया ने कहा कि अभी यह शुरूआत है। वह इसका स्वागत करती हैं

और प्रशासन से अपील करती हैं कि किन्नर को वे सभी अधिकार दिये जाएं जो समाज के

दूसरे लोगों को दिए गए हैं। रवीना महंत ने बताया कि उनकी पोती अरनवी शर्मा इस समय फाइन आर्ट्स फाइनल में है।

पढ़ाई पूरा करने के बाद वे भी नौकरी करना चाहती है। उनकी पढ़ाई में रुची देखते हुए ही

उन्होंने उसे कार्यक्रमों में न जाकर शिक्षा पूर्ण करने के लिए प्रोत्साहित किया।

वह आज जिस तरह समाज में चलती है, उसे देखकर उन्हें गौरव महसूस होता है।

जम्मू-कश्मीर प्रशासन से किन्नर समुदाय ने की मांग

उन्होंने बताया कि केवल अवनी ही नहीं काव्या कपूर व उनके जैसी दो तीन किन्नर समाज के बच्चे हैं,

जो इस समय पढ़ रहे हैं और बेहतर कर रहे हैं। रवीना ने केंद्र सरकार व जम्मू-कश्मीर प्रशासन के

समक्ष किन्नर समाज को आ रही परेशानियों को रखते हुए अलग रिहायशी कॉलोनी,

मुफ्त शिक्षा, राजनीति में प्रतिनिधित्व देने की मांग भी की। उन्होंने उम्मीद जताई कि

केंद्र सरकार इसी तरह उनकी बेहतर के लिए काम करती रहेगी।

 

 

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Ajay Sharmahttps://computersjagat.com
Indian Journalist. Resident of Kushinagar district (UP). Editor in Chief of Computer Jagat daily and fortnightly newspaper. Contact via mail computerjagat.news@gmail.com

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