Ration scheme: 1.4 करोड़ परिवारों के लिए खुशखबरी, अब हर महीने फ्री मिलेगी चीनी; दाल-तेल और मसाले, लॉन्च हुई ये स्कीम
ration scheme:देशभर में केंद्र और राज्य सरकार (State Government) की तरफ से आम जनता के लिए
फ्री राशन (Free ration scheme) से लेकर के पीएम किसान तक कई तरह की सरकारी स्कीमें चलाई जा रही हैं.
अब राज्य सरकार ने 1.4 करोड़ से ज्यादा परिवारों को तोहफा दे दिया है.
राजस्थान सरकार (Rajasthan government) ने अब हर महीने
फ्री अन्नपूर्णा किट (Free Annapurna Food kit Scheme) देने का फैसला लिया है. इस योजना को 15 अगस्त को लॉन्च किया गया है.
दाल-चीनी, तेल समेत ये सभी मिलेगा फ्री
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सरकार ने इस बारे में जानकारी दी है. मुख्यमंत्री ने कहा है
कि फ्री अन्नपूर्णा फूड पैकेट योजना की शुरुआत की जा रही है. इस योजना का फायदा 1.04 करोड़ से अधिक परिवारों
को होगा. इसमें हर महीने मुफ्त अन्नपूर्णा किट मिलेगी जिसमें
दालें, चीनी, नमक, खाद्य तेल, मिर्च, धनिया और हल्दी शामिल होगी.
हर महीने बांटे जाएंगे पैकेट
इस अवसर पर बोलते हुए सीएम गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार जनता को अधिकतम राहत देने के
इरादे से अपने फैसले ले रही है. योजना के तहत राज्य के 1.04 करोड़ से
अधिक परिवारों को हर महीने मुफ्त अन्नपूर्णा भोजन पैकेट बांटे जाएंगे.
गरीबों को ध्यान में रखकर लिया फैसला
गहलोत ने जयपुर के बिड़ला ऑडिटोरियम में इस योजना के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे
और लाभार्थियों को भोजन के पैकेट वितरित किये. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गरीबों को ध्यान में रखकर फैसले ले
रही है, जिसकी चर्चा अब पूरे देश में हो रही है. राज्य सरकार ने तमाम जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर
उतारकर आम जनता को राहत प्रदान की है. उन्होंने कहा, ये जनकल्याणकारी योजनाएं मुफ्तखोरी नहीं हैं,
बल्कि यह आम जनता के प्रति लोकतांत्रिक सरकार की जिम्मेदारी है.
कोई भूखा नहीं सोएगा
‘कोई भूखा न सोए’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में इस अन्नपूर्णा खाद्य पैकेट में
एक किलोग्राम चना दाल, चीनी और आयोडीन युक्त नमक, एक लीटर सोयाबीन रिफाइंड खाद्य तेल,
100 ग्राम मिर्च पाउडर और धनिया पाउडर और 50 ग्राम हल्दी शामिल है. मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार द्वारा
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना में अधिकतम सीमा निर्धारित किये जाने से कई जरूरतमंद परिवार वंचित रह जाते हैं.
इन लोगों को दी गई 5000 रुपये की आर्थिक सहायता
कोविड के दौरान निराश्रित परिवारों के सर्वेक्षण के बाद लगभग 32 लाख NFSA और गैर-एनएफएसए परिवारों को
5,500 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई. उन्होंने कहा कि जिन गैर-एनएफएसए परिवारों को कोविड के दौरान
आर्थिक सहायता दी गई थी, उन्हें भी अन्नपूर्णा राशन किट योजना में निःशुल्क राशन किट उपलब्ध करायी जायेगी.
राशन डीलरों का बढ़ाया कमीशन
उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि राशन वितरण को बार-बार छह महीने बढ़ाने की बजाय इसे नियमित तरीके से
लागू किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि अन्नपूर्णा भोजन पैकेट वितरित करने वाले
राशन डीलरों का कमीशन चार रुपये प्रति पैकेट से बढ़ाकर 10 रुपये कर दिया गया है.
राज्य में बनाए जाएंगे नए जिले
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में नये जिले बनाये गये हैं, जिससे प्रशासनिक एवं वित्तीय कार्यों में तेजी आयेगी.
“राज्य में न्यूनतम आय और स्वास्थ्य के अधिकार की गारंटी का कानून बनाया गया है, जो देश के किसी अन्य राज्य में
नहीं है. अनुबंध पर सेवाएं देने वाले गिग वर्कर्स के कल्याण और सुरक्षा के लिए कानून बनाया गया है.”
लड़कियों और महिलाओं को बांटे जा रहे स्मार्टफोन
उन्होंने कहा कि सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना बहाल करने पर पूरे देश में चर्चा हो रही है.
प्रदेश में एक करोड़ लोगों को न्यूनतम 1000 रूपये प्रतिमाह सामाजिक सुरक्षा पेंशन दी जा रही है.
इसके अलावा हर साल 15 फीसदी की स्वत: बढ़ोतरी का भी प्रावधान किया गया है. इंदिरा गांधी स्मार्टफोन योजना के
तहत पहले चरण में 40 लाख लड़कियों और महिलाओं को स्मार्टफोन दिए जा रहे हैं.
गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार 2030 तक राजस्थान को अग्रणी राज्यों की सूची में शामिल करने का लक्ष्य लेकर
चल रही है. इसमें प्रदेश के सभी लोगों की भागीदारी महत्वपूर्ण है.
उन्होंने कहा कि मिशन 2030 की औपचारिक शुरुआत जल्द ही होगी और एक विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया जाएगा.
