Politics: लोकसभा से पहले निकाय चुनाव पर सपा का फोकस, प्रत्याशियों की तलाश तेज, बूथ कमेटियों का भी गठन
Politics: समाजवादी पार्टी ने नगर निगम, नगर पालिका परिषद व नगर पंचायतों के चुनाव के
लिए अपनी तैयारियों पर और धार देगी। पार्टी दो मोर्चों पर काम रही है।
एक तो उसका सारा फोकस इन चुनावों के लिए वोटर लिस्ट में
अपने समर्थकों के नाम जुड़वाने पर है तो दूसरा वहीं बूथ कमेटियों का नए सिरे से गठन पर है।
सपा इन बूथ कमेटियों के जरिए निकाय चुनाव के साथ-साथ
लोकसभा चुनाव के लिए भी अपनी संभवानाएं बेहतर करना चाहती है।
समाजवादी पार्टी लंबे समय से निकाय चुनाव की वोटर लिस्ट में अपने समर्थकों के।
नाम न कटने को लेकर पदाधिकारियों को जिले स्तर पर आगाह करती रही है।
अब उसने इन सबको कहा है कि वोटर लिस्ट का अंतिम प्रकाशन एक अप्रैल को होगा।
सभी पदाधिकारी व जनप्रतिनिधि यह लिस्ट प्राप्त कर लें और उसे देख लें।
क्योंकि वोटर लिस्ट पुनरीक्षण अभियान में कई नाम कट गए तो कई नए वोटर जुड़ गए।
कई जगह नामों में संशोधन किया गया। इनका सत्यापन किया जाना बहुत जरूरी है।
अगर नाम छूट गए तो उसे अंतिम तारीख से पहले लिस्ट में उन्हें जुड़वा लें।
इस बीच पार्टी द्वारा बनाए पैनल के जरिए प्रत्याशी चयन का काम तेज हो गया है।
हर जिले में सपा ने सांसद, विधायक, पूर्व विधायक व अन्य जनप्रतिनिधियों के जरिए
आपसी सहमति से पैनल के नाम तय करने व उसे सपा मुख्यालय भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
सपा सभी नगर निगमों में मेयर पद के लिए मजबूत प्रत्याशी उतारने की कोशिश में है
पार्टी इन चुनावों में अपनी उपलब्धियों के अलावा ओबीसी वर्ग को आरक्षण का मुद्दा भी गर्माएगी।
सपा के राष्ट्रीय सचिव राजेंद्र चौधरी का कहना है कि सपा पूरी ताकत से निकाय चुनाव लड़ेगी
और बड़ी कामयाबी हासिल करेगी। बूथ कमेटियां बन रही हैं।
खुद राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव निकाय चुनाव को
लेकर पार्टी संगठन के पदाधिकारियों के साथ बैठकें कर रहे हैं।
