Lawyer: दलालों की सूची में नाम आने पर वकीलों में रोष, वर्क सस्पेंड, पुलिस पर लगाया छवि धूमिल करने का आरोप
lawyer: दलालों की सूची में दो वकीलों का नाम आने पर वकीलों ने रोष प्रकट करते हुए वर्क सस्पेंड कर दिया है।
वकीलों ने आरोप लगाया कि पुलिस विभाग में सबसे ज्यादा रिश्वतखोरी होती है,
अधिकारियों ने जिस प्रकार दलालों की सूची निकली है उसी प्रकार अपने विभाग की सूची तैयार कराए।
वकीलों (lawyer) का नाम डालकर छवि खराब करने का प्रयास किया गया है।
वकीलों ने कहा कि वर्क सस्पेंड कब तक और कितने दिन तक चलेगा, इस बारे में अभी कुछ नहीं कह सकते।
वकील (lawyer) और समाजसेवी रत्न सिंह रावल का कहना है
कि पुलिस ने दलालों की सूची में दो वकीलों के नाम गलत प्रकाशित किए हैं।
जबकि असली दलाल सरेआम दलाली करते हैं। समाजसेवियों को दलाल का नाम देकर पुलिस ने उनकी छवि
धूमिल की है। अब कोर्ट में मानहानि का केस करूंगा। वकील इरफान अली ने कहा कि वर्ष 2017 में किला थाने का
उद्घाटन किया गया था। उस समय आईजी करनाल सुभाष यादव पानीपत आए थे।
उन्हें भी अतिथि के तौर पर बुलाया गया था। वह हमेशा सामाजिक कार्य करता आया है,
जब भी किला थाने में दो समुदायों की बात आई तो पुलिस उन्हें थाने बुलाती रही है।
कभी किसी के नाम से रुपये नहीं लिए। किसी ने रंजिशन उनका नाम सूची में जुड़वाया, जो गलत है।
नाम डालकर बेवजह घसीटने का आरोप
नारा गांव के पूर्व सरपंच सूरजभान ने भी पुलिस की ओर से जारी लिस्ट में उनका नाम बेवजह घसीटने का आरोप लगाया
है। पूर्व सरपंच का कहना है कि उसने कभी किसी पीड़ित से पुलिस के नाम पर रुपये नहीं लिए बल्कि हमेशा मदद की है।
वह पूरा दिन पीड़ित के साथ दुकान छोड़कर घूमते हैं। गांव के हर मामले को पंचायती के माध्यम से निपटाने की कोशिश
करते हैं ताकि लोगों की दिक्कत दूर हो लेकिन पुलिस ने उनकानाम दलालों की सूची में डालकर सम्मान को ठेस पहुंचाई है।
यह है मामला
पानीपत पुलिस ने चौकी थानों में सक्रिय 63 दलालो की सूची तैयार की है, सूची में वकील, होमगार्ड, एसपीओ,
पूर्व सरपंच तक शामिल हैं। एसपी ने कहा कि यह सब पुलिस के नाम पर शिकायतकर्ता से पैसे लेते हैं,
जिससे पुलिस की छवि धूमिल होती है। इन दलालों को थाने चौकी
में नहीं घुसने दिया जाए। सूची वायरल होते ही शहर में हड़कंप मचा हुआ है।
