Court: कोर्ट ने मां-बेटी को अपनी बहू को जबरन तेजाब पिलाने के आरोप में ठहराया दोषी
Court: दिल्ली की कड़कड़डूमा अदालत ने एक मां-बेटी को अपनी बहू को जबरन तेजाब पिलाने के आरोप में दोषी करार दिया है।
इतना ही नहीं अदालत ने पीड़िता के पति को भी उसके साथ मारपीट करने का दोषी माना है।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (एएसजे) ट्विंकल वाधवा की अदालत ने 14 फरवरी को शमीम, उसकी मां हसीन और बहन शबनम को दोषी करार दिया। यह घटना साल 2019 की बताई जाती है।
अदालत ने आरोपी मां-बेटी को बहू को जबरन तेजाब पिलाने के लिए आईपीसी की धारा 326ए के तहत दोषी करार दिया।
वहीं पति शमीम को पिटाई करने के लिए धारा 323 आईपीसी के तहत दोषी ठहराया।
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि मामले में आरोपों और सबूतों को देखते हुए सभी आरोपी दोषी ठहराए जाते हैं।
आरोपी शमीम को आईपीसी की धारा 323 के तहत अपराध के लिए दोषी ठहराया जाता है।
वहीं आरोपी हसीना और शबनम को आईपीसी की धारा 326-ए/34 के तहत दोषी करार दिया जाता है।
अदालत ने सजा पर बहस के लिए 12 मार्च की तारीख दी है। इन आरोपियों के खिलाफ 2019 में मामला दर्ज किया गया था।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 5 मार्च 2019 को आरोपी पति नशे में था और उसने महिला को पीटा,
जिससे वह बेहोश हो गई। पीड़िता ने अपने माता-पिता को घटना के बारे में बताया।
पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि उसकी सास हसीना ने दरवाजा बंद कर दिया और उसकी ननद शबनम ने उसके हाथ पकड़ लिए।
इसके बाद उसकी सास ने उसे एसिड पीने के लिए मजबूर किया। हालांकि इस घटना के बाद पीड़िता का पति ही उसे अस्पताल लेकर गया।
अब 12 मार्च को अदालत में सजा पर बहस होगी जिसके बाद अदालत दोषियों को सजा सुनाएगी।
