Clue: हत्या की यह बेहद चौंकाने देने वाली कहानी,नागिन का शाप,पत्नी पर छोड़ दिए 3-3 सांप…जानिए पूरी दास्तान

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Clue: हत्या की यह बेहद चौंकाने देने वाली कहानी,नागिन का शाप,पत्नी पर छोड़ दिए 3-3 सांप…जानिए पूरी दास्तान

Clue: 1989 में मिथुन चक्रवर्ती की एक फिल्म आई- दाता। फिल्म में विलेन थे अमरीश पुरी, जो शॉर्टकट तरीके से रईस बनना चाहते हैं।

इसके लिए अमरीश पुरी अपने बेटों की शादी अमीर लड़कियों से कराते हैं और फिर दहेज हड़प लेते हैं। एक बहू को तो अमरीश पुरी सांप से डसवाकर मार डालते हैं।

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ये कहानी तो फिल्मी थी, लेकिन जरा सोचिए कि अगर आपको ऐसा हकीकत में सुनने को मिले तो?

आइए रील लाइफ से रियल लाइफ में आते हैं… और बताते हैं हमारी ‘सुराग’ सीरीज के तहत बिल्कुल ऐसी ही एक कहानी।

मामला कर्नाटक के कोल्लम का है। तारीख थी 6 मई और साल 2020… एक महिला को अचानक एक दिन एक कोबरा नाग ने डस लिया।

महिला की मौत हो गई। फिर उसके पति ने एक बेहद चौंकाने वाली कहानी सुनाई। पति ने बताया कि उसकी पत्नी को एक नागिन का शाप था।

उसने कहा कि उसकी पत्नी ने उसे पहले से ही बता दिया था कि उसकी मौत सांप के काटने से ही होगी। इससे पहले भी सांप दो बार उसके ऊपर हमला कर चुका था।

एक बार काट भी लिया था, लेकिन जान बच गई। सांप के तीसरे हमले में उसकी मौत हो गई। ये कहानी पुख्ता तरीके से गढ़ी गई थी।

लोगों को यकीन आने लगा। लेकिन, फिर ऐसा क्या हुआ कि पुलिस ने उसके पति को ही हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया।

आखिर पुलिस के हाथ कौन सा सुराग लग गया था। तो चलिए वक्त का पहिया थोड़ा सा पीछे घुमाते हैं।

सूरज नाम का एक शख्स बैंक में कलेक्शन एजेंट था। परिवार गरीब था, लेकिन सूरज किसी भी तरीके से बस रईस बनना चाहता था।

ऐसे में एक दिन उसके पास एक अमीर लड़की से शादी का ऑफर मिला। लड़की का नाम था उथरा, जिसे लर्निंग डिसएबिलिटी की समस्या थी।

लर्निंग डिसएबिलिटी- मतलब नई चीजें सीखने में परेशानी महसूस करना। उथरा से शादी हुई तो भर-भरकर दहेज मिला।

माता-पिता की बस एक ही ख्वाहिश थी कि लड़का उनकी बेटी का ख्याल रखने वाला हो। 25 मार्च 2018 को दोनों की शादी हो गई।

दहेज में लाखों रुपए का सोना, एक सुजुकी सेडान कार और 10 लाख रुपये नकद मिले। परिवार ने उथरा की देखभाल के लिए हर महीने सूरज को 8 हजार रुपए देना भी तय किया।

शादी के अगले ही साल उथरा ने एक बेटे को जन्म दिया। अब सूरज के पास सबकुछ था। धन-दौलत, गाड़ी, पत्नी और भरा-पूरा परिवार।

लेकिन, सूरज के दिल में कुछ और ही चल रहा था। वो उथरा से खुश नहीं था। उसका मन किसी और लड़की से शादी करने का था।

लेकिन, मजबूरी थी कि अगर उथरा को छोड़ा तो हर महीने मिलने वाली रकम बंद हो जाएगी। ऐसे में सूरज के दिमाग में एक खौफनाक आइडिया आया।

उसने उथरा को कत्ल करने का फैसला लिया। सूरज लालच में अंधा हो चुका था। वो इंटरनेट और यूट्यूब पर हत्या के ऐसे तरीके तलाशने लगा, जिनमें वो पकड़ा ना जाए।

एक दिन अचानक उसे खतरनाक सांप रसेल वाइपर से जुड़ा एक वीडियो दिखा। बस फिर क्या था, सूरज के शैतानी दिमाग में उथरा को हटाने की साजिश ने जन्म ले लिया।

उसे लगा कि अगर वो अपनी पत्नी को सांप से डसवाकर मार देगा, तो किसी को शक नहीं होगा।

10 हजार रुपए में खरीदा रसेल वाइपर

सूरज ने अलग-अलग सांपों, उन्हें पकड़ने के तरीके और उनके जहर के बारे में जानकारी खंगालना शुरू किया। इसके बाद वो सपेरों से मिला।

सांप के दाम पता किए। एक दिन उसे सुरेश नाम का एक ऐसा सपेरा मिल गया, जो सांप बेचने को तैयार था।

10 हजार रुपए देकर सूरज ने सुरेश से रसेल वाइपर सांप खरीद लिया। साल 2020 में वो फरवरी का महीना था। सूरज चुपचाप उस सांप को घर की छत पर छोड़ आया।

फिर उथरा से कहा कि उसका मोबाइल छत पर छूट गया है, वो जाकर ले आए। उथरा छत पर गई तो सांप को देखकर चिल्लाई।

सूरज दौड़कर छत पर गया और एक डंडे से सांप को उठाकर घर के बाहर ले गया। उसने इस सांप को फेंका नहीं, बल्कि एक कंटेनर में बंद करके रख लिया।

सांप के पहले हमले में 52 दिन तक अस्पताल में रही उथरा

अगले महीने 2 मार्च को सूरज ने अपनी पत्नी के हलवे में नशीली दवा मिलाकर उसे खिला दिया। उथरा बेसुध होकर सो गई। सूरज ने फिर से सांप को बेडरूम में छोड़ दिया।

इस बार सांप ने उथरा को काट लिया। उथरा दर्द से चीखी तो सूरज दौड़कर अंदर गया और सांप को लाठी से उठाकर बाहर फेंक दिया।

वो जानबूझकर उथरा को अस्पताल पहुंचाने में देर कर रहा था ताकि उसकी जान ना बच पाए। सूरज मन ही मन खुश था कि अब उसके रास्ते का कांटा हट गया है।

लेकिन, किस्मत से अस्पताल पहुंचकर उथरा की जान बच गई। वो 52 दिनों तक अस्पताल में रही। इधर, सूरज ने एक बार फिर इंटरनेट पर सांपों की डिटेल खंगालना शुरू किया।

अब उसे पता चला कि वो कहां गलती कर रहा है। उसे समझ आ गया कि उथरा को मारने के लिए कोबरा नाग की जरूरत है।

हमले के लिए कोबरा को 11 दिन तक रखा भूखा

अप्रैल 2020 में सूरज ने उसी सपेरे सुरेश से 7 हजार रुपए में एक बेहद जहरीला कोबरा खरीदा। उधर उथरा को अस्पताल से छुट्टी मिली, तो मां-बाप उसे अपने साथ ले गए।

करीब 13 दिन बाद सूरज भी उथरा से मिलने अपनी ससुराल पहुंचा। वो कोबरा को अपने साथ एक हवादार कंटेनर में बंद कर छिपाकर ले गया था।

पति से लंबे वक्त तक दूर रही पत्नी उसे देखकर खुश थी। लेकिन, उसे क्या पता था कि यही पति एक बार फिर उसके लिए मौत का सामान लेकर आया है।

6 मई की रात को सूरज ने उथरा को बेहोशी की दवा मिलाकर एक गिलास जूस दिया।

जूस पीकर उथरा बेहोश हुई तो सूरज ने कोबरा को उसके ऊपर छोड़ दिया। कोबरा बाहर निकलते ही उथरा को डस ले, इसके लिए उसने उसे 11 दिनों तक भूखा भी रखा।

कोबरा को गर्दन से पकड़कर जबरन डसवाया

लेकिन, कोबरा ने उथरा को नहीं डसा। सूरज ने जब ये देखा तो फिर से कोबरा को उठाकर उथरा के ऊपर छोड़ दिया। इस बार भी कोबरा ने उथरा को नहीं काटा।

अब सूरज गुस्से भर चुका था। उसने कोबरा को गर्दन से पकड़ा और उथरा के हाथ पर उसका मुंह रख दिया। आखिरकार कोबरा ने उथरा को डस लिया।

सूरज ने अब एक अलमारी में कोबरा को बंद कर दिया। इसके बाद मोबाइल कॉल रेकॉर्ड डिलीट करने सहित सारे सबूत उसने मिटा दिए।

सुबह परिवार ने जब उथरा को मृत देखा तो हड़कंप मच गया। सूरज ने अंजान बनने का नाटक किया। जानबूझकर अलमारी खोल दी ताकि सबको लगे कि इसी सांप की वजह से उथरा की जान गई है।

उथरा ने एक बार पहले बातों-बातों में अपने मां-बाप से बताया था कि सूरज बहुत आसानी से सांप को पकड़ लेता है। मां-बाप का माथा ठनक गया।

बावा सुरेश ने बताया रसेल और कोबरा का सच

दोनों पुलिस थाने पहुंचे और पूरी बात बताई। इसके बाद पुलिस ने 24 मई को सूरज को गिरफ्तार कर लिया। 78 दिनों तक पुलिस ने इस मामले की जांच की।

1000 से ज्यादा पन्ने वाली चार्जशीट बनाई, और फिर शुरु हुआ कोर्ट ट्रायल। धीरे-धीरे सबूत सामने आने लगे। सूरज के कॉल रेकॉर्ड, इंटरनेट हिस्ट्री और कार में नशीली दवाएं।

इधर, मामले की खबर पढ़कर पुलिस के पास बावा सुरेश नाम का एक शख्स पहुंचा। बावा सुरेश सांपों के जाने-माने एक्सपर्ट थे।

उन्होंने दोनों घरों का मुआयना किया और पुलिस को बताया कि रसेल वाइपर का पहली मंजिल पर पहुंचना संभव नहीं था।

बावा सुरेश ने ये भी बताया कि उथरा को जब कोबरा ने काटा तो वो लोग एक एसी कमरे में सोए थे। एसी कमरे में कोबरा का पहुंचना बहुत मुश्किल है।

‘पत्नी को एक नागिन का श्राप मिला है’

इस बीच पुलिस के शिकंजे में सूरज को सांप बेचने वाला सुरेश भी आ गया। सुरेश ने सांप बेचने की बात कबूल कर ली।

वो केस में सरकारी गवाह बन गया और सूरज के खिलाफ गवाही दी। केस की जांच के दौरान पुलिस को ये भी पता चला था कि सूरज ने अपने तमाम दोस्तों को बताया था कि उसकी पत्नी को सपने में एक नागिन का शाप मिला है,

जिसके तहत उसकी मौत सांप के काटने से होगी। फिर एक राज और खुला। सूरज के मोबाइल से पुलिस को पता चला कि उसके किसी और महिला से भी संबंध थे और वो उससे शादी करना चाहता था।

उसने उथरा का एक बीमा भी कराया था, ताकि उसकी मौत के बाद सूरज की लाइफ सेट हो सके। आखिर में सूरज ने भी अपना गुनाह कबूल कर लिया।

कोर्ट ने इसे जघन्य मामला मानते हुए सूरज को 17 साल की जेल के साथ दोहरे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही उसके ऊपर पांच लाख का जुर्माना भी लगाया गया।

 

 

 

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Ajay Sharmahttps://computersjagat.com
Indian Journalist. Resident of Kushinagar district (UP). Editor in Chief of Computer Jagat daily and fortnightly newspaper. Contact via mail computerjagat.news@gmail.com

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