Malaria: मलेरिया से बचाव हेतु किया जागरूकता कार्यक्रम,जन जागरूकता व जन सहयोग से मलेरिया का अंत संभव
Malaria: पटना में वैश्विक स्तर पर आज मलेरिया दिवस मनाया जा रहा है।
इस अवसर पर राजकीयकृत उर्दू मध्य विद्यालय नरकट घाट, गुलजारबाग, पटना में विद्यालय के स्नातक विज्ञान शिक्षक सूर्य कान्त गुप्ता के द्वारा मलेरिया से बचाव हेतु जागरूकता कार्यक्रम आयोजित की गई।
छात्र-छात्राओं को गुप्ता ने वर्ग -5 की ईवीएस की पाठ्य पुस्तक – पर्यावरण और हम के अध्याय -8 के पाठ राॅस की जंग मलेरिया के संग एवं अध्याय – 21 के पाठ लकी जब बीमार पड़ा तथा वर्ग- 8 की विज्ञान विषय के अध्याय – 7 के पाठ सूक्ष्मजीवों का संसार : सूक्ष्मदर्शी द्वारा आंखों देखा की इकाई – मनुष्य में सूक्ष्मजीव जनित रोग से विश्व मलेरिया दिवस को जोड़ते हुए बताया कि जन जागरूकता व जन सहयोग से मलेरिया का अंत संभव है।
इस हेतु हमें अपने आसपास पानी को जमा नहीं होने देना है। जमे हुए पानी में कीटनाशक, जला हुआ मोबील, केरोसिन तेल डालना चाहिए, जिससे मच्छर प्रजनन नहीं कर सके तथा उसका लार्वा नष्ट हो जाए।
पानी की टंकी को ढंक कर रखना चाहिए। फ्रिज, कूलर, फूलदानी, अन्य बर्तनों को सप्ताह में एक दिन जरूर सुखा लेना चाहिए।
घरों के अंदर कीटनाशक का छिड़काव करना चाहिए। सबसे ज्यादा ध्यान रखने वाली बात यह है कि सोते समय मच्छरदानी का उपयोग आप लोग जरूर करें तथा परिवार के सदस्य को भी मच्छरदानी का उपयोग करने हेतु प्रेरित करें।
शिक्षिका विद्या झा ने बताई कि मलेरिया मादा एनोफिल मच्छर के काटने से होता है।
इसलिए छत, छज्जा इत्यादि जगहों पर टूटे हुए बर्तन, पुराने टायर, घड़ा, सुराही आदि में पानी जमा नहीं होने देना चाहिए। अपने आसपास की सफाई जरूर करनी चाहिए। गंदगी मनुष्य का महान शत्रु है।
शिक्षिका अजीज फातिमा एवं प्रथम संस्था की निकहत वानों ने भी छात्र-छात्राओं को मलेरिया से बचने के विभिन्न उपायों के बारे में बताए।
मलेरिया से बचाव हेतु आयोजित इस जागरूकता कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के प्रधानाध्यापक एस इब्तेशाम हुसैन काशिफ, सर्फुद्दीन नूरी, कनीज तैय्यबा, रोकईय्या मोसर्रत सहित बाल सांसदों की सक्रियता काबिले तारीफ रही।
