Ambulance:अब नहीं करना होगा एम्बुलेंस के लिए घंटों इंतजार, इस उपाय से मिनटों में मिलेगी मुफ्त सर्विस

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Ambulance:अब नहीं करना होगा एम्बुलेंस के लिए घंटों इंतजार, इस उपाय से मिनटों में मिलेगी मुफ्त सर्विस

Ambulance: स्वास्थ्य खराब होने पर आपातकालीन वाहनों की ज़रूरत कब किसको पड़ जाए

यह कोई नहीं जानता है. ऐसी स्थिति में समय पर वाहनों का उपलब्ध नहीं होना,

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बड़ी घटना का कारण बन सकता है. कई मामलों में ऐसा देखा भी गया है

कि समय पर एम्बुलेंस नहीं मिलने की वजह से मरीज की जान चली गई या फिर

शव वाहनों की सेवा नहीं मिलने की वजह से परिजनों द्वारा शव को कंधे पर ही लाद कर ले जाना पड़ा.

बता दें कि इन उपाय को जानने के बाद अब किसी को भी आपातकालीन वाहनों का इंतजार नहीं करना पड़ेगा.

ना ही अब आप इनकी सेवा पाने से वंचित होंगे. डायल 102 पर कॉल कर

आप मुफ्त में एम्बुलेंस(Ambulance) या शव वाहन की सेवा उचित समय पर बिलकुल मुफ्त में प्राप्त कर सकते हैं.

डायल 102 पर कॉल नहीं लगने की स्थिति में भी आप वाहनों की सेवा प्राप्त कर सकते हैं.

डायल 102 पर कॉल नहीं लगने या सेवा नहीं मिलने पर यह करें

बेतिया के जिला कार्यक्रम प्रबंधक सलीम जावेद ने बताया कि यदि डायल 102 पर कॉल कनेक्ट नहीं हो रहा है

या फिर कॉल कनेक्ट होने के बावजूद भी समय पर आपातकालीन वाहनों को उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है

तब आप अस्पताल के प्रबंधक से बात कर आपातकालीन वाहनों

की सेवा बिना किसी चार्ज के मुफ्त में प्राप्त कर सकते हैं.

अस्पताल प्रबंधक का दायित्व है कि वह मरीजों के लिए आपातकालीन वाहनों की

सेवा उचित समय पर प्रदान करने का इंतजाम करे. सिर्फ इतना ही नहीं,

यदि दुर्भाग्यवश अस्पताल में प्रबंधक भी मौजूद न हो तो वैसी स्थिति में जिस अस्पताल में आप हैं,

उस अस्पताल की पर्ची के पीछे दिए गए नंबर पर बात कर उचित समय पर

आपातकालीन वाहनों की सेवा प्राप्त कर सकते हैं. दरअसल, अस्पताल की पर्ची के पीछे दिया गया

नंबर जिला कार्यक्रम प्रबंधक का होता है जो जिले के सभी सरकारी

अस्पतालों में आपातकालीन वाहनों के प्रबंधन के लिए जिम्मेवार होता है.

अस्पताल मैनेजर करेंगे यह व्यवस्था

जिला कार्यक्रम प्रबंधक सलीम जावेद ने बताया कि अस्पताल में अगर आपातकालीन वाहनों की कमी है

और निजी वाहनों के उपयोग की सलाह दी जा रही है तो उस वक्त भूल से भी निजी वाहनों का उपयोग न करें.

दरअसल अस्पताल प्रबंधक का यह दायित्व है कि वह रोगी कल्याण कोष का उपयोग कर मरीजों के लिए

बिना किसी चार्ज के आपातकालीन वाहन बुक करे तथा उसे समय पर मरीजों के लिए उपलब्ध कराए.

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Ajay Sharmahttps://computersjagat.com
Indian Journalist. Resident of Kushinagar district (UP). Editor in Chief of Computer Jagat daily and fortnightly newspaper. Contact via mail computerjagat.news@gmail.com

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