Storyteller: नैतिक मूल्यों की स्थापना के लिए विष्णु ने दशरथ के घर राम रूप में जन्म लिया:मन्दाकिनी
storyteller: त्रेता युग में जब रावण के अत्याचारों से पृथ्वी कांप उठी तब धर्म,संस्कार और नैतिक मूल्यों की स्थापना के लिए विष्णु ने दशरथ के घर राम रूप में जन्म लिया।
अगर आज भी दशरथ जैसा चरित्र होगा तो राम जैसी सन्तान की प्राप्ति अवश्य सम्भव होगी। उक्त बातें अपनी कथा के दौरान मानस मन्दाकिनी ने कही।
बृहस्पतिवार की दोपहर को दिघवापट्टी भागवत कथा के दूसरे दिन रामजन्म की कथा सुनाते हुए
कथावाचिका (storyteller) मानस मन्दाकिनी ने “”‘भये प्रकट कृपाला दीन दयाला,कौशल्या हितकारी .. की स्तुति के साथ की तो माहौल भक्तिमय हो गया।
उन्होंने बताया कि अयोध्या नरेश राजा दशरथ द्वारा पुत्रेष्ठी यज्ञ करवाने के बाद विष्णु भगवान प्रकट हुए और उन्होंने माता कौशल्या को चतुर्भुजी रूप दिखाकर बताया कि वे शीघ्र ही आपके गर्भ से मनुष्य रूप में अवतार लेकर आएंगे।
पुत्रेष्ठी यज्ञ का प्रसाद ग्रहण करने के बाद माता कौशल्या को राम, सुमित्रा को लक्ष्मण तथा कैकई को भरत और शत्रुघ्न पैदा हुए। पूरी अयोध्या को सजाकर खुशियां मनाई गई और घर-घर दीपक जलाए गए।
आज कोई भक्त राजा दशरथ की तरह बनेंगे, तभी राम जैसे पुत्र जन्म लेंगे। इसके लिए अपने को संस्कारी बनाना होगा और पुत्रों को भगवान राम की कथा की प्रेरणा देनी होंगी, तभी देश में संस्कारों को बचाया जा सकता है।
और एक सुंदर समाज स्थापित किया जा सकता है। इस दौरान कोमल शर्मा, दिनेश पटेल, राजू पटेल, राधेश्याम विश्वकर्मा, नंदलाल विद्रोही, सुभाष सिंह,भीमल शर्मा, संतों पाण्डेय, रामप्रवेश शर्मा,
नन्द किशोर प्रधान पति,चंदन गोंडा, दयानंद शर्मा, रामेश्वर सिंह, महेंद्र दुबे, सुमित्रा देवी, विमला देवी, सुभावती देवी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
