Ravivar ke Upay:आज के दिन करें यह सरल सा उपाय,सूर्यदेव होंगे प्रसन्न,समस्याओं से मिलेगा छुटकारा

Date:

spot_img
spot_img

Date:

spot_img
spot_img

Ravivar ke Upay:आज के दिन करें यह सरल सा उपाय,सूर्यदेव होंगे प्रसन्न,समस्याओं से मिलेगा छुटकारा

Ravivar ke Upay: हिन्दू धर्म में रविवार का दिन भगवान सूर्यदेव को समर्पित होता है. इस दिन सूर्यदेव की पूजा करना बहुत शुभ माना जाता है.

इस दिन आप सूर्य भगवान का आशीर्वाद पाने के लिए आसान से उपाय कर सकते हैं.

- Advertisement -
- Advertisement -

करें सूर्योष्टकम् का पाठ

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नौकरी या करियर से जुड़ी समस्या को दूर करने के लिए सूर्योष्टकम् का पाठ करना बहुत लाभकारी माना जाता है.

पाठ करने से पहले व्यक्ति को सुबह उठकर स्नान करना चाहिए. इसके बाद जल में रोली, लाल चंदन, लाल पुष्प सूर्यदेव को अर्पित करना चाहिए.

कहा जाता है जो व्यक्ति इस पाठ को नियमित रूप से करता है उसकी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. यहां पढ़ें सूर्योष्टकम् का पाठ…

श्री सूर्याष्टकम्

आदिदेव नमस्तुभ्यं प्रसीद मम भास्कर।

दिवाकर नमस्तुभ्यं प्रभाकर नमोऽस्तु ते॥1॥

सप्ताश्व रथमारूढं प्रचण्डं कश्यपात्मजम्।

श्वेत पद्माधरं देवं तं सूर्यं प्रणमाम्यहम्॥2॥

लोहितं रथमारूढं सर्वलोक पितामहम्।

महापापहरं देवं तं सूर्यं प्रणमाम्यहम्॥3॥

त्रैगुण्यश्च महाशूरं ब्रह्माविष्णु महेश्वरम्।

महापापहरं देवं तं सूर्यं प्रणमाम्यहम्॥4॥

बृहितं तेजः पुञ्ज च वायु आकाशमेव च।

प्रभुत्वं सर्वलोकानां तं सूर्यं प्रणमाम्यहम् ॥5॥

बन्धूकपुष्पसङ्काशं हारकुण्डलभूषितम्।

एकचक्रधरं देवं तं सूर्यं प्रणमाम्यहम्॥6॥

तं सूर्यं लोककर्तारं महा तेजः प्रदीपनम् ।

महापाप हरं देवं तं सूर्यं प्रणमाम्यहम्॥7॥

तं सूर्यं जगतां नाथं ज्ञानप्रकाशमोक्षदम्।

महापापहरं देवं तं सूर्यं प्रणमाम्यहम् ॥8॥

सूर्याष्टकं पठेन्नित्यं ग्रहपीडा प्रणाशनम्।

अपुत्रो लभते पुत्रं दारिद्रो धनवान् भवेत्॥9॥

अमिषं मधुपानं च यः करोति रवेर्दिने।

सप्तजन्मभवेत् रोगि जन्मजन्म दरिद्रता॥10॥

स्त्री-तैल-मधु-मांसानि ये त्यजन्ति रवेर्दिने।

न व्याधि शोक दारिद्र्यं सूर्य लोकं च गच्छति॥11॥

करें सूर्यदेव के इन मंत्रों का जाप

ॐ घृ‍णिं सूर्य्य: आदित्य:

ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय नमः ।

ॐ सूर्याय नम: ।

ॐ घृणि सूर्याय नम: ।

ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय सहस्रकिरणराय मनोवांछित फलम् देहि देहि स्वाहा।।

ॐ ऐहि सूर्य सहस्त्रांशों तेजो राशे जगत्पते, अनुकंपयेमां भक्त्या, गृहाणार्घय दिवाकर:।

ॐ ह्रीं घृणिः सूर्य आदित्यः क्लीं ॐ ।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. COMPUTER JAGAT NEWS इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

Share This:
Ajay Sharmahttps://computersjagat.com
Indian Journalist. Resident of Kushinagar district (UP). Editor in Chief of Computer Jagat daily and fortnightly newspaper. Contact via mail computerjagat.news@gmail.com

Most Popular

More like this
Related

IGRS जनसुनवाई में पुलिस का शानदार प्रदर्शन,लगातार तीसरी बार प्रदेश में प्रथम स्थान

IGRS जनसुनवाई में पुलिस का शानदार प्रदर्शन,लगातार तीसरी बार...

Death:नाबादान के नाले में डूबने से दो सगे मासूमों की दर्दनाक मौत,गांव में मातम

Death:नाबादान के नाले में डूबने से दो सगे मासूमों...

Election: खड्डा बार एसोसिएशन चुनाव संपन्न, अमियमय मालवीय बने अध्यक्ष

Election: खड्डा बार एसोसिएशन चुनाव संपन्न, अमियमय मालवीय बने...