Horoscope: इन 2 ग्रहों की वजह से कुंडली में बनता है कर्ज योग, समाज में घटता है मान-सम्मान
Horoscope: कर्ज लेना कभी कभी मजबूरी होती है और कभी कभी यह
नौकरी करने वालों या कारोबारियों के लिए आवश्यक. समाज में कुछ लोगों का
स्वभाव तो जरा सी भी आर्थिक दिक्कत होने पर कर्ज या लोन लेने की प्रवृत्ति होती है
जबकि इसी समाज में कुछ लोग भविष्य के संभावित खर्चों को ध्यान में रखते हुए
अपनी आय का कुछ अंश बचाते रहते हैं. ऐसे लोग खर्च आने पर कभी भी न तो परेशान होते हैं
और न ही कर्ज लेते हैं. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यह सब कर्मफल के कारण होता है.
कई बार कुंडली में ग्रहों की स्थितियां ही ऐसी होती है जो लोन दिलाने का कार्य करती हैं.
इस लेख में इसी तरह की परिस्थितियों के बारे में चर्चा करेंगे कि किन-किन ग्रहों का साथ लोन लेने को प्रेरित करता है.
कुंडली में चंद्रमा और शुक्र का प्रभाव
1. जन्म कुंडली के छठे भाव में चंद्रमा और शुक्र की युति हो तो व्यक्ति का स्वभाव सुख और
विलासिता के प्रति ज्यादा आकर्षित होता है. वह विलासिता वाली वस्तुओं को एकत्र करना चाहता है
और इन्हें खरीदने के लिए उसे धन की आवश्यकता होती है. अपनी इन इच्छाओं और
महत्वाकांक्षाओं की पूर्ति के लिए जब उसके अपने पास धन नहीं होता है किंतु इच्छाएं बलवती होती जाती हैं.
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2. मन की इच्छा और आवश्यकता के चलते लोन लेना एक विकल्प समझ में आता है.
वह तुरंत ही अपनी इच्छाओं को पूरा करने के लिए लोन लेने का प्लान बनाने लगते हैं
फिर वह लोन बैंक से मिले, या किसी गैर बैंकिंग वित्तीय संस्थान अथवा साहूकार आदि से मिले.
पूरी कोशिश होती है कि जल्दी से जल्दी लोन मिले ताकि वह अपनी इच्छा की पूर्ति कर सकें.
3. चंद्रमा और शुक्र का साथ ऐसी मानसिक स्थिति बनाता है कि घर वाले मना करें तो भी
वह व्यक्ति बिना कर्ज लिए नहीं रहता है. ऐसे लोग कर्ज में बने रहते हैं, लेकिन एक और विशेष बात रहती है
कि यह ग्रह बहुत लंबे समय तक कर्ज नहीं रहने देते हैं. हां यदि
आवश्यकता से अधिक धन लिया तो सामाजिक रूप से मान सम्मान खोना पड़ता है.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. Computer Jagat NEWS इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
