Festival Chhath Puja 2022: माता सीता ने बिहार में कहां की थी छठ पूजा, कैसे हुई इस पर्व की शुरुआत,जानें कहानी
Chhath Puja 2022: धार्मिक मान्यता के अनुसार माता सीता ने सर्वप्रथम पहला छठ पूजन बिहार के मुंगेर में गंगा
तट पर संपन्न किया था, जिसके बाद महापर्व की शुरुआत हुई। छठ को बिहार का महापर्व माना जाता है।
यह पर्व(festival) बिहार के साथ देश के अन्य राज्यों में भी बड़े धूम-धाम के साथ मनाया जाता है। बि
हार के मुंगेर में छठ पर्व का विशेष महत्व है। छठ पर्व से जुड़ी कई अनुश्रुतियां हैं
लेकिन धार्मिक मान्यता के अनुसार, माता सीता ने सर्वप्रथम पहला छठ पूजन बिहार के मुंगेर में गंगा तट पर संपन्न किया
था। इसके बाद से महापर्व की शुरुआत हुई। इसके प्रमाण-स्वरूप आज भी माता सीता के चरण चिह्न मौजूद हैं।
वाल्मीकी रामायण के अनुसार, ऐतिहासिक नगरी मुंगेर के सीता चरण में कभी मां सीता ने छह दिनों तक रह कर
छठ पूजा की थी। श्री राम जब 14 वर्ष वनवास के बाद अयोध्या लौटे थे
तो रावण वध के पाप से मुक्त होने के लिए ऋषि-मुनियों के आदेश पर राजसूय यज्ञ करने का फैसला लिया।
इसके लिए मुग्दल ऋषि को आमंत्रण दिया गया था लेकिन मुग्दल ऋषि ने
भगवान राम एवं सीता को अपने ही आश्रम में आने का आदेश दिया।
इस बार छठ व्रत, पूजन का दिन और समय
प्रमुख तिथियां एवं मुहूर्त
– सूर्य षष्टी व्रत आरंभ 28 अक्तूबर शुक्रवार नहाय खाय।
– सूर्य षष्टी व्रत द्वितीय दिन (खरना) 29 अक्तूबर शनिवार।
– मुख्य व्रत 30 अक्तूबर दिन रविवार को। सूर्यास्त का समय 0534 बजे।
इस दिन अस्तांचलगामी सूर्य देव को सायंकालीन अर्घ्य का समय शाम 529 से 539 बजे तक।
– 31 अक्तूबर को सूर्योदय 629 बजे। अत प्रात कालीन अर्घ्य सुबह 0627 से 0634 बजे एवं पारण प्रसाद ग्रहण करके।
