Angarak Yog: व्यक्ति को इन खतरनाक बीमारियों का शिकार बना देता है अंगारक योग, जानें इसका प्रभाव
Angarak Yog: जन्म कुंडली के किसी राशि में राहु और मंगल की युति से अंगारक योग का निर्माण होता है. इस युति से दोनों ग्रहों के मध्य में जितनी कम दूरी होती है, यह योग उतना ही अधिक प्रभावी होता है.
गोचर में इस योग का निर्माण साल में केवल एक बार होता है वह भी सवा महीने से लेकर डेढ़ महीने तक रहता है. आइए जानते हैं अंगारक योग के बारे में विस्तार से.
डरपोक हो जाता है स्वभाव
अंगारक योग में व्यक्ति में डरपोक और दुस्साहस दोनों तरह के भाव पैदा होते हैं. ऐसी स्थिति में कई बार वह व्यक्ति डर के मारे दुबक कर बैठ जाता है या फिर वह दुस्साहस करने लगता है.
दोनों ही स्थितियां ठीक नहीं रहती हैं इसलिए सामान्य भाव रखना चाहिए. ऐसे लोग भावुक होते हैं और अपने अधिकांश निर्णय भावुकता मे आकर लेते हैं. इसी भावुकता के कारण वह क्षण भर में क्रोधित हो जाते हैं.
ब्लड इंफेक्शन और कैंसर का खतरा
इस योग के लोगों को पेट संबंधी रोग अधिक होते हैं. इन्हें जीवन में एक दो बार सर्जरी भी करानी पड़ती है और मार्ग दुर्घटना की आशंका बनी रहती है इसलिए इन्हें रास्ते में कहीं आने जाने में बहुत ही सावधानी बरतनी चाहिए. कभी कभी यह योग कैंसर और ब्लड इंफेक्शन का कारक भी बनता है.
हिंसा की भावना
इन लोगों में कई बार हिंसा की प्रवृत्ति जाग्रत हो जाती है और दूसरों के साथ जरा सी बात पर मारपीट करने को उतारु हो जाते हैं. ऐसे लोग यदि कहीं अधिकारी के पद पर होते हैं तो अपने अधीन लोगों का शोषण करते रहते हैं.
इन क्षेत्रों में रहते हैं सफल
किसी व्यक्ति की जन्म कुंडली मे इन दो ग्रहों की युति अंगारक योग का निर्माण करती है. इस योग के लोगों को इंजीनियरिंग, मेडिकल, केमिकल, फार्मेसी खेल और जोखिम वाले कार्य, पुलिस सेना आदि के क्षेत्र में सफल होते देखा जा सकता है.
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