Politics:बड़े बदलाव की तैयारी में भाजपा, इन दो लोगों को मिल सकती है यूपी की कमान
Politics:भाजपा अध्यक्ष के रूप में जेपी नड्डा का कार्यकाल बढ़ने के बाद अब उनकी नई टीम को लेकर
सरगर्मियां तेज हैं। आगामी लोकसभा चुनावों के मद्देनजर यूपी सहित कई प्रदेशों के संगठन प्रभारी भी बदले जाने हैं।
भगवा गलियारों में नये प्रभारी के रूप में गुजरात भाजपा के अध्यक्ष सीआर पाटिल और
केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के नाम चर्चाओं में हैं। माना जा रहा है कि पाटिल या प्रधान को यूपी की कमान सौंपी जा सकती है।
प्रदेश के तमाम भाजपा नेताओं की निगाहें अब भाजपा अध्यक्ष नड्डा की नई बनने वाली टीम पर हैं।
असल कई चेहरे सरकार से संगठन में और कुछ संगठन से सरकार में आ सकते हैं।
इसमें कुछ नाम यूपी कोटे के भी हैं। वहीं प्रदेश भाजपा को नया प्रभारी भी मिलना है।
दरअसल, मिशन-2024 फतेह करने के लिए यूपी बेहद महत्वपूर्ण है।
पार्टी में मोदी युग के उदय में भी प्रदेश की भूमिका बेहद अहम रही है।
राजनैतिक (Politics) प्रस्ताव में भी रामपुर-आजमगढ़ जीत का जिक्र
80 लोकसभा सीटों वाले यूपी ने 2014 में एनडीए को 73 और 2019 में 64 सीटें दीं।
रामपुर व आजमगढ़ लोकसभा सीटों के उपचुनाव के बाद यह संख्या 66 हो गई है।
इन दोनों सीटों के अलावा रामपुर विधानसभा सीट पर मिली जीत का जिक्र पार्टी की हालिया राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक
में पारित राजनैतिक प्रस्ताव में भी किया गया। पिछला रिकार्ड देखें तो लोकसभा चुनावों में यूपी का जिम्मा
महत्वपूर्ण चेहरे ही संभालते रहे हैं। फिर चाहे वो अमित शाह हों
या जेपी नड्डा। इत्तेफाक से यह दोनों पार्टी के अध्यक्ष भी बने।
नड्डा की टीम पर टिकी सबकी निगाह
अब 2024 के लिए भी प्रदेश की कमान तेजतर्रार और संगठन की गहरी समझ रखने वाले नेता को मिलनी है।
इस सांचे के लिए फिलहाल सर्वाधिक चर्चित नाम सीआर पाटिल का है।
गुजरात की जीत में यदि पीएम मोदी चेहरा रहे तो पाटिल को नींव की ईंट माना जा रहा है।
बेहतर चुनावी रणनीतिकार पाटिल को अब राष्ट्रीय राजनीति में लाए जाने की चर्चा है।
उनका नाम केंद्रीय मंत्रिमंडल के अलावा टीम नड्डा के लिए प्रमुखता से चल रहा है। उन्हें राष्ट्रीय महासचिव का जिम्मा
देकर यूपी की कमान सौंपी जा सकती है। जबकि दूसरा नाम केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का है।
ओडिशा से आने वाले प्रधान भी पीएम मोदी के बेहद करीबी माने जाते हैं। संगठन के भी खासे जानकार हैं।
कई राज्यों में काम करने का अनुभव है। वर्ष 2022 विधानसभा चुनाव में यूपी के चुनाव प्रभारी की जिम्मेदारी भी
वे संभाल चुके हैं। ऐसे में उनका नाम भी यूपी के नये प्रभारी के रूप में चल रहा है।
हालांकि इसके लिए उन्हें पहले सरकार से संगठन में लाना होगा।
अब सबकी निगाहें आलाकमान की ओर लगी हैं, जो अपने फैसलों से पहले भी चौंकाते रहे हैं।
