Lok Sabha Election 2024: 3 सवाल, 3 बार सर्वे; लोकसभा चुनाव से पहले वोटर के मन की बात सुनेगी BJP, तब देगी सांसदी का टिकट
Lok Sabha Election 2024: लोकसभा चुनाव 2024 से पहले देश भर में बनते-बिगड़ते राजनीतिक समीकरणों के
बीच भारतीय जनता पार्टी के लिए उत्तर प्रदेश सबसे अहम राज्य साबित होने जा रहा है।
यूपी में लोकसभा की सबसे ज्यादा 80 सीटें हैं और वहां सबसे ज्यादा सांसद बीजेपी के ही हैं।
नरेंद्र मोदी की सरकार तीसरी बार बनाने के लिए यूपी में सीटें मैंटेन करना भाजपा के लिए बहुत जरूरी है।
पार्टी ने यूपी के सीटों की संख्या का महत्व समझते हुए बीजेपी ने
एक प्राइवेट एजेंसी को 80 सीटों पर चुनाव से पहले तीन बार सर्वे करने का काम दिया है।
एजेंसी हर तीन महीने पर सर्वे करेगी और पार्टी के राज्य और केंद्रीय नेतृत्व को रिपोर्ट देगी।
बीजेपी सूत्रों ने बताया है कि प्राइवेट एजेंसी का सर्वेक्षण क्षेत्र में लगातार चलता रहेगा
लेकिन पार्टी नेतृत्व को हर तीन महीने पर रिपोर्ट मिलेगी। सर्वे में लोगों से तो कई तरह के सवाल पूछे जाएंगे
लेकिन पार्टी को प्रत्येक लोकसभा सीट के लिए तीन सवालों के जवाब चाहिए।
पहला, प्रत्येक सीट पर बीजेपी का क्या हाल है, वो इस समय कितनी मजबूत है।
दूसरा, उस सीट पर विपक्षी दलों की क्या स्थिति है जिनसे बीजेपी को टक्कर मिल सकती है।
तीसरा, उस लोकसभा क्षेत्र में लोग किन मसलों पर चर्चा कर रहे हैं, उनके क्या मुद्दे हैं।
बीजेपी सांसदों को लेकर क्या है माहौल, सर्वे में ये भी पूछा जाएगा
सर्वे के सवालों से भाजपा वोटरों से यह जानने की कोशिश करेगी कि केंद्र की मोदी सरकार और राज्य की
योगी आदित्यनाथ सरकार के बारे में जनता क्या नजरिया रखती है।
हर सीट पर वहां के मौजूदा सांसद का काम जनता की नजर में कैसा है, ये जानना भी सर्वे का एक मकसद है।
अपने सांसदों का फीडबैक लेने के अलावा बीजेपी ने सर्वे एजेंसी से ये भी पता करने कहा है
कि प्रत्येक सीट पर दूसरे दलों के कौन से संभावित कैंडिडेट या निर्दलीय उम्मीदवार उभर रहे हैं और उनकी क्या स्थिति है।
भाजपा की केंद्र और राज्य सरकार ने जन कल्याण की कई सरकारी योजनाएं चला रखी हैं।
सर्वेक्षण से इन योजनाओं के प्रभाव का भी अंदाजा लगेगा जिसे वोट में कैसे बदला जाए उसकी रणनीति बनाने में
पार्टी को आसानी होगी। एजेंसी को सर्वे में ये भी परखने कहा गया है
कि विपक्षी दल जो मुद्दे उठा रहे हैं उनकी जनता के बीच कितना चर्चा है, कितनी स्वीकार्यकता है।
वोटरों के सर्वे से मिलाया जाएगा कार्यकर्ताओं का सर्वे रिपोर्ट, तब होगा फैसला
सूत्रों के मुताबिक लोकसभा चुनाव से दो महीना पहले बीजेपी पार्टी के कार्यकर्ताओं के बीच हर जिले में
एक सर्वे कराएगी और उस रिपोर्ट से एजेंसी की रिपोर्ट का मिलान किया जाएगा।
पार्टी का केंद्रीय और राज्य का नेतृत्व एजेंसी की वोटर सर्वे रिपोर्ट और बीजेपी कार्यकर्ताओं के सर्वेक्षण रिपोर्ट को
मिलाकर देखेगा कि कौन सी बात दोनों में है और उस आधार पर एक तरफ कैंडिडेट चुना जाएगा
तो दूसरी तरफ वो मुद्दे तय होंगे जिन्हें पार्टी चुनाव प्रचार के दौरान उठाएगी।
