Bail:गिरफ्तारी के डर से चार दिन पहले ही जयाप्रदा का सरेंडर, मिली जमानत, कोर्ट ने दिया था सख्त निर्देश
bail:चुनाव आचार संहिता उल्लंघन के दो मामलों में फरार चल रहीं पूर्व सांसद जयाप्रदा ने बुधवार को गुपचुप तरीके से
कोर्ट में सरेंडर कर दिया। कोर्ट में उनके अधिवक्ता की ओर से जमानत (bail) के लिए प्रार्थना पत्र दिया गया।
इस पर कोर्ट ने जमानत (bail) दे दी। उनके खिलाफ पिछले दिनों कोर्ट ने गैर जमानतीय वारंट जारी किया था।
पूर्व सांसद जयाप्रदा बुधवार की सुबह करीब 10.15 बजे कोर्ट पहुंचीं और उन्होंने अपने अधिवक्ता के माध्यम से
सरेंडर कर दिया साथ ही जमानत के लिए प्रार्थना पत्र दिया। इस पर कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका मंजूर कर ली।
एपीओ अमरनाथ तिवारी ने बताया कि कोर्ट में पूर्व सांसद की ओर से सरेंडर किया गया था।
वह आचार संहिता उल्लंघन के दोनों ही मामलों में हाजिर नहीं हो रही थीं।
इस पर कोर्ट की ओर से गैर जमानती वारंट जारी किया गया था।
उनके अधिवक्ता की ओर से जमानत (bail) पत्र दाखिल किया गया।
इस पर कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका मंजूर कर ली। अधिवक्ता संदीप सक्सेना ने
बताया कि कोर्ट में पूर्व सांसद पेश हुईं, जहां से उनको राहत मिल गई।
यह है मामला
पिछले लोकसभा चुनाव में रामपुर से भाजपा की उम्मीदवार जयाप्रदा के खिलाफ स्वार और केमरी थाने में
आचार संहिता उल्लंघन के दो मामले दर्ज किए गए थे। उन पर आरोप है
कि स्वार थाना क्षेत्र के गांव नूरपुर में उन्होंने 19 अप्रैल 2019 को एक सड़क का उद्घाटन किया।
इसका वीडियो वायरल हुआ था। इसके आधार पर फ्लाइंग स्क्वायड मजिस्ट्रेट-34 स्वार डॉ. नीरज कुमार
पाराशरी ने आचार संहिता उल्लंघन का मुकदमा दर्ज कराया था।
दूसरा मामला केमरी में दर्ज हुआ था। आरोप है कि 18 अप्रैल 2019 को केमरी के गांव पिपलिया मिश्र
में आयोजित जनसभा में आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इसे आदर्श चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन मानते हुए
वीडियो निगरानी टीम के प्रभारी कुलदीप भटनागर ने मुकदमा दर्ज कराया था।
दोनों ही मुकदमों की सुनवाई एमपी-एमएलए कोर्ट में चल रही है।
इसमें वह गैरहाजिर चल रही थीं, जिस पर उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हुआ था।
गिरफ्तारी के डर से चार दिन पहले ही कोर्ट में किया सरेंडर
रामपुर। पूर्व सांसद जयाप्रदा ने गिरफ्तारी के डर से निर्धारित तारीख से चार दिन पहले ही कोर्ट में गुपचुप तरीके से
सरेंडर कर दिया। आचार संहिता के उल्लंघन के दो मामलों में लगातार हाजिर न होने पर
एमपी-एमएलए कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी किया था। कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी करते हुए
एसपी को भी पत्र लिखकर उनको गिरफ्तार कर नौ जनवरी को कोर्ट में पेश करने के आदेश दिए थे।
कोर्ट की सख्ती के बाद पूर्व सांसद ने निर्धारित तारीख से पांच दिन पहले ही कोर्ट में सरेंडर कर दिया।
दरअसल उनको नौ जनवरी को कोर्ट में पेश होना था, लेकिन वह बुधवार को सुबह करीब दस बजे ही कोर्ट परिसर में
पहुंच गई थीं। यहां पेश होने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद वह कोर्ट में पेश हुई और फिर घंटे भर बाद ही
कोर्ट परिसर से निकल गईं। इस दौरान पुलिस को भी इसकी जानकारी नहीं हो सकी।
जमानत (bail) हासिल करने के लिए वह यहां गुपचुप तरीके से कोर्ट पहुंची थीं।
