मानहानि मामले में कोर्ट नहीं पहुचे Rahul, 6 जनवरी को फिर होगी सुनवाई
Rahul: 2018 में केंद्रीय मंत्री अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में
समन जारी होने के बाद भी शनिवार को कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी कोर्ट में हाजिर नहीं हुए।
इस पर एमपी, एमएलए कोर्ट में शनिवार को सुनवाई टाल दी।
छह जनवरी को कोर्ट दोबारा से इस मामले पर सुनवाई करेगी।
कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के हनुमानगंज निवासी भाजपा नेता विजय मिश्र ने
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ चार अगस्त 2018 को मानहानि का मुकदमा दायर किया था।
परिवादी के वकील संतोष पांडेय के मुताबिक बंगलौर में एक प्रेस कान्फ्रेंस में
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ राहुल गांधी ने अभद्र टिप्पणी के आरोप में
यह केस विचाराधीन है। आरोप है कि हत्या का अभियुक्त बताते हुए अमित शाह की मानहानि की गई,
जिससे परिवादी की भावनाएं आहत हुईं। विशेष मजिस्ट्रेट योगेश यादव ने राहुल गांधी को विचारण के लिए
समन जारी कर तलब किया था। शनिवार को उनके हाजिर नहीं होने से सुनवाई छह जनवरी के लिए टल गई।
नवंबर में जारी हुआ था राहुल गांधी के लिए समन
पांच साल पुराने मानहानि मामले में सुलतानपुर की एमपी /एमएलए कोर्ट ने 26 नवंबर को सुनवाई की थी।
इस दौरान मजिस्ट्रेट योगेश यादव ने राहुल गांधी को समन जारी करते हुए
16 दिसंबर को कोर्ट में हाजिर होने का आदेश था। बतादें कि विजय मिश्र ने
याचिका दाखिल कर कोर्ट में राहुल गांधी की तलब कर ट्रायल की मांग की थी।
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26 नवंबर को हुई सुनवाई के दौरान याची के वकील संतोष पांडेय ने तलबी पर बहस की थी।
याची विजय मिश्र के साथ ही गवाह रामचंद्र और अनिल मिश्र की गवाही पर भी कोर्ट ने महत्वपूर्ण माना।
विशेष कोर्ट ने राहुल गांधी पर प्राथमिक रूप से आरोप सही मानते
हुए उन्हें विचारण के लिए तलब करने का आदेश दिया था।
क्या है पूरा मामला
मामला आठ मई 2018 को बंगलौर में एक प्रेस कान्फ्रेंस में तत्कालीन बीजेपी अध्यक्ष
अमित शाह के खिलाफ राहुल गांधी ने अभद्र टिप्पणी का है।
अमित शाह को हत्या का अभियुक्त बताकर राहुल गांधी ने उनकी मानहानि की थी।
इसी मामले में विजय मिश्र ने याचिका दाखिल कर कोर्ट में राहुल गांधी की तलब कर ट्रायल की मांग की थी।
याची के वकील संतोष पांडेय ने तलबी पर बहस की थी। याची विजय मिश्र के साथ ही
गवाह रामचंद्र और अनिल मिश्र की गवाही पर भी कोर्ट ने महत्वपूर्ण माना था।
