Traffic rules: बाबूजी धीरे चलना! ट्रैफिक नियम तोड़े तो ड्राइविंग लाइसेंस पर खतरा,पॉइंट सिस्टम से होगी सख्ती
Traffic rules: सड़कों पर रैश ड्राइविंग और ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन को रोकने के लिए परिवहन विभाग अब सख्त कदम उठाने की तैयारी में है।
जल्द ही भारत में ड्राइविंग लाइसेंस के लिए पॉइंट सिस्टम लागू किया जा सकता है, जिसमें ओवरस्पीड, रेड लाइट जंप, सीट बेल्ट न पहनने जैसी गलतियों पर न केवल चालान कटेगा, बल्कि ड्राइवर के लाइसेंस पर निगेटिव पॉइंट्स भी जुड़ेंगे।
अगर ये पॉइंट्स तय सीमा से ज्यादा हो गए, तो ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड या रद्द तक हो सकता है।
क्या है पॉइंट सिस्टम?
परिवहन विभाग के प्रस्तावित पॉइंट सिस्टम के तहत ट्रैफिक नियम तोड़ने पर ड्राइवर को डिमेरिट पॉइंट्स दिए जाएंगे, जबकि नियमों का पालन करने और सुरक्षित ड्राइविंग के लिए मेरिट पॉइंट्स मिलेंगे।
यह सिस्टम मौजूदा चालान व्यवस्था से अलग होगा, यानी चालान के साथ-साथ पॉइंट्स भी जुड़ेंगे। उदाहरण के लिए:
- ओवरस्पीड: गति सीमा से अधिक तेज गाड़ी चलाने पर निगेटिव पॉइंट्स।
- रेड लाइट जंप: सिग्नल तोड़ने पर भारी पॉइंट्स कटेंगे।
- सीट बेल्ट न पहनना: सुरक्षा नियमों की अनदेखी पर भी पॉइंट्स की कटौती।
यदि ड्राइवर बार-बार गलतियां करता है और निगेटिव पॉइंट्स तय सीमा (जो अभी निर्धारित नहीं हुई है) को पार कर जाते हैं, तो उसका लाइसेंस कुछ समय के लिए निलंबित या स्थायी रूप से रद्द किया जा सकता है।
क्यों जरूरी है यह कदम?
भारत में हर साल करीब 1.7 लाख लोग सड़क हादसों में अपनी जान गंवाते हैं या घायल होते हैं। 2019 में ट्रैफिक चालान की दरों में भारी बढ़ोतरी के बावजूद रैश ड्राइविंग और हादसों में खास कमी नहीं आई।
परिवहन विभाग का मानना है कि लाइसेंस सस्पेंड होने का डर ड्राइवरों को नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करेगा। इलेक्ट्रॉनिक कैमरों और डिजिटल निगरानी के जरिए नियम तोड़ने वालों को आसानी से पकड़ा जाएगा।
क्या है तैयारी?
- परिवहन विभाग ने सभी राज्यों के साथ इस सिस्टम पर विचार-विमर्श किया है और इसका ड्राफ्ट तैयार किया जा रहा है।
- अगले कुछ महीनों में मोटर व्हीकल्स एक्ट में संशोधन कर इस व्यवस्था को लागू किया जा सकता है।
- यह सिस्टम ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी, ब्रिटेन, फ्रांस, कनाडा और चीन के कुछ शहरों में पहले से लागू है, जहां यह प्रभावी साबित हुआ है।
- भारत में यह पहली बार लागू होगा, जिसके लिए कई देशों के मॉडल का अध्ययन किया गया है।
पहले भी हुई थी चर्चा
साल 2011 में भी पॉइंट सिस्टम को लागू करने पर विचार हुआ था, जिसमें बार-बार गलतियां करने पर कम से कम एक साल के लिए लाइसेंस सस्पेंड करने का प्रस्ताव था। हालांकि, तब यह योजना अमल में नहीं आई। अब परिवहन मंत्री नितिन गडकरी की पहल पर इस दिशा में तेजी से काम हो रहा है।
क्या होगा असर?
परिवहन विभाग के सूत्रों का कहना है कि इस सिस्टम से ड्राइवरों में नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ेगी। खासकर युवा चालक, जो अक्सर रैश ड्राइविंग करते हैं, वे सतर्क होंगे।साथ ही, सड़क हादसों में कमी आने की उम्मीद है।
आप क्या करें?
- हमेशा सीट बेल्ट पहनें।
- गति सीमा का पालन करें।
- ट्रैफिक सिग्नल का सम्मान करें।
- सुरक्षित ड्राइविंग अपनाकर न केवल अपनी, बल्कि दूसरों की जान भी बचाएं।
यह नया नियम लागू होने पर सड़कों पर अनुशासन बढ़ेगा और हादसों में कमी आएगी, ऐसा सरकार का मानना है।
फिलहाल, इस सिस्टम का अंतिम स्वरूप तय होना बाकी है, लेकिन इतना तय है कि अब ट्रैफिक नियम तोड़ने की कीमत सिर्फ चालान तक सीमित नहीं रहेगी।
