trade agreement: इस तरह से मिलेगा देश को फायदा, भारत के साथ अहम व्यापार समझौते पर ऑस्ट्रेलियाई संसद में लगी मुहर
trade agreement: भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच एक अहम व्यापार समझौते पर
मंगलवार को ऑस्ट्रेलियाई संसद में मुहर लग गई। इस समझौते से भारत को जबर्दस्त फायदे होंगे।
टेक्सटाइल्स से लेकर, फार्मास्युटिकल्स, जेम्स और ज्वैलरी के भारतीय उत्पादों के निर्यात में तेजी आएगी।
इकॉनमी कॉरपोरेशन एंड ट्रेड एग्रीमेंट (ईसीटीए) पर अप्रैल में दोनों देशों ने दस्तखत किए थे।
सोमवार को यह डील ऑस्ट्र्रेलिया के हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव्स में पास किया गया था।
इसके बाद मंगलवार को सीनेट में भी इसे पास कर दिया गया। अब 30 दिन के अंदर
ईसीटीए को भारतीय संसद में पुष्टि के लिए प्रस्तुत किया जाएगा।
ऑस्ट्रेलियाई पीएम बोले रिश्ते होंगे मजबूत
ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानेज ने कहा कि भारत और ब्रिटेन के बीच
नए व्यापार समझौतों (trade agreement) से व्यापारिक और आर्थिक रिश्तों को मजबूती मिलेगी।
उन्होंने कहा कि यह नए समझौते ऑस्ट्रेलियाई बिजनेस और उनके परिवार के लिए अच्छे नतीजे लेकर आएंगे।
अल्बानीज ने कहा कि कानून का पारित होना मुक्त व्यापार और नियम-आधारित व्यापार प्रणाली के लिए
ऑस्ट्रेलियाई कमिटमेंट को दिखाता है। यह हमारे आर्थिक लचीलेपन के लिए व्यापार की केंद्रीयता की स्वीकृति है।
इसके अलावा ऑस्ट्रेलियाई संसद ने ब्रिटेन के साथ मुक्त व्यापार समझौते (trade agreement) को भी पास किया।
भारत के लिए अहम
ऑस्ट्रेलिया और चीन के बीच मजबूत होते संबंधों के दौर में ईसीटीए को भारत के लिए काफी अहम माना जा रहा है।
ऐसे में ईसीटीए चीन से भारत के निर्यात में विविधता लाने के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।
भारत ऑस्ट्रेलिया का नौवां सबसे बड़ा व्यापारिक सहयोगी है और व्यापार संतुलन ऑस्ट्रेलिया के पक्ष में है।
साल 2021 में गुड्स एंड सर्विसेज में द्विपक्षीय व्यापार 27.5 बिलियन डॉलर का था।
इस दौरान भारत ने 10.5 बिलियन डॉलर का निर्यात और 17 बिलियन डॉलर का आयात किया।
2019 और 2021 के बीच ऑस्ट्रेलिया को भारत का व्यापारिक निर्यात 135% बढ़ा।
भारत ने ऑस्ट्रेलिया को मुख्य रूप से रिफाइंड पेट्रोलियम, फार्मास्युटिकल उत्पाद, मोती और रत्न, आभूषण,
निर्मित वस्त्र वस्तुएं और महिलाओं के कपड़े निर्यात किए हैं। वहीं, ऑस्ट्रेलिया से कोयला, तांबा अयस्क और सांद्र,
प्राकृतिक गैस, लौह और अलौह अपशिष्ट और स्क्रैप, और शिक्षा से संबंधित सेवाएं आयात कीं।
