Passport: भारत ने पेश किए एडवांस्ड ई-पासपोर्ट, AI और स्मार्ट चिप से लैस
Passport: भारत ने नई पीढ़ी के ई-पासपोर्ट (Electronic Passport) जारी करना शुरू कर दिया है और अब से सभी नए पासपोर्ट केवल ई-पासपोर्ट ही होंगे। पासपोर्ट प्रणाली में बड़े सुधार करते हुए सरकार ने यह हाइब्रिड ई-पासपोर्ट लॉन्च किया है
जिसमें कागज और इलेक्ट्रॉनिक दोनों तरह के तत्व मौजूद हैं। इसका मुख्य उद्देश्य पासपोर्ट की जालसाजी, नकली बनाने और अन्य धोखाधड़ी को रोकना है।
विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि पुराने पासपोर्ट अपनी वैधता अवधि समाप्त होने तक या अधिकतम 2035 तक वैध रहेंगे।
हाल ही में विदेश मंत्रालय ने पासपोर्ट सेवा कार्यक्रम (PSP) के उन्नत संस्करण की सफल शुरुआत की घोषणा की, जिसमें शामिल हैं…
- भारत में रहने वाले नागरिकों के लिए PSP V2.0
- विदेशों में रहने वाले भारतीयों के लिए ग्लोबल पासपोर्ट सेवा कार्यक्रम (GPSP V2.0) और ई-पासपोर्ट
ई-पासपोर्ट की खासियतें
बताया गया है कि यह एक हाइब्रिड पासपोर्ट है जिसमें कागज के साथ-साथ एक एम्बेडेड RFID चिप और एंटीना लगा होता है। चिप में धारक का सारा डेटा ICAO (अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन) के मानकों के अनुसार सुरक्षित रहता है।
महत्वपूर्ण जानकारी डेटा पेज पर छपी होने के साथ-साथ चिप में भी स्टोर होती है, जिससे जालसाजी लगभग असंभव हो जाती है।
चिप का डेटा ‘केवल पढ़ने योग्य’ होता है और हवाई अड्डे पर इमीग्रेशन के दौरान मशीन पर टैप करने से तुरंत पढ़ लिया जाता है।
एआई-संचालित पासपोर्ट सेवा 2.0
मई 2025 में शुरू हुआ यह नया सिस्टम अब देश के सभी 37 क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालयों (RPO), 93 पासपोर्ट सेवा केंद्रों (PSK) और 451 डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्रों (POPSK) में पूरी तरह कार्यरत है।
वैश्विक संस्करण GPSP V2.0 को 28 अक्टूबर 2025 को लॉन्च किया गया ताकि विदेशों में भारतीय मिशनों में पासपोर्ट सेवाएं और बेहतर हो सकें।
नई सुविधाएं
- AI चैटबॉट और वॉइस बॉट से आवेदन में मदद, शिकायत निवारण, ऑनलाइन दस्तावेज अपलोड, ऑटो-फिल फॉर्म और UPI/QR पेमेंट
- बायोमेट्रिक और फेशियल रिकग्निशन सिस्टम
- डिजिलॉकर, आधार और पैन से सीधा दस्तावेज सत्यापन
- रोबोटिक प्रोसेस ऑटोमेशन (RPA) से दस्तावेज वेरिफिकेशन
- टचस्क्रीन फीडबैक, ई-सिग्नेचर पैड, रीयल-टाइम MIS डैशबोर्ड
- 17 भारतीय भाषाओं में राष्ट्रीय कॉल सेंटर
बता दें कि अब तक भारत में करीब 80 लाख ई-पासपोर्ट जारी हो चुके हैं। जून 2025 से विदेश स्थित भारतीय दूतावासों/मिशनों के माध्यम से लगभग 62000 ई-पासपोर्ट जारी किए जा चुके हैं।
गौरतलब है कि पायलट प्रोजेक्ट 2024 में भुवनेश्वर और नागपुर में शुरू हुआ था। सफल परीक्षण और आवश्यक प्रमाणपत्र मिलने के बाद इसे चरणबद्ध तरीके से पूरे देश के सभी क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालयों में लागू किया गया और मई 2025 तक पूरी तरह लागू हो गया।
