Monsoon : मानसून की भविष्यवाणी, जानें इस साल आपके शहर में कितनी और कैसी होगी बरसात

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Monsoon : मानसून की भविष्यवाणी, जानें इस साल आपके शहर में कितनी और कैसी होगी बरसात

Monsoon: मेदिनी ज्योतिष में सूर्य के अलग-अलग राशियों और नक्षत्रों में गोचर (भ्रमण) के समय ग्रहों के

उससे भू-चक्र में आगे या पीछे रहने की स्थिति से मौसम संबंधी भविष्य कथन किए जाते हैं।

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जून से सितंबर तक के चार महीनों के दक्षिण-पश्चिम मानसून के मौसम में वर्षा की भविष्यवाणी के लिए सूर्य के

आर्द्रा नक्षत्र में प्रवेश के समय बनने वाली कुंडली से मानसून की बारिश के

समय और क्षेत्रवार गुणवत्ता के विषय का विश्लेषण किया जाता है।

इसके अतिरिक्त आषाढ़ कृष्ण पक्ष में चंद्रमा का रोहिणी नक्षत्र में योग, आषाढ़ पूर्णिमा को चंद्रमा का उत्तराषाढ़ा में

योग तथा माघ कृष्ण सप्तमी को स्वाति नक्षत्र में चंद्रमा के रहने के समय बादलों, हवा आदि आकाश लक्षणों के

अवलोकन से स्थान विशेष में वर्षाकाल के मौसम और फसलों पर

उसके प्रभाव का अध्ययन होता है। आइए जानते हैं इसी आधार पर मानसून की भविष्यवाणी…

नौतपा में उत्तर भारत में हुई वर्षा, क्या मानसून में कमी का है संकेत?

सूर्य के रोहणी नक्षत्र में 25 मई को प्रतिवर्ष आने के बाद अगले नौ दिनों के समय को उत्तर भारत में

नौतपा कहा जाता है। ज्योतिषशास्त्र के वर्षा विज्ञान के ग्रंथों के अनुसार,

इन नौ दिनों में यदि खूब गर्मी पड़े तो वर्षा काल में उत्तम वर्षा होती है।

इस वर्ष देखने में आया है की 25 मई के बाद से उत्तर भारत के राज्यों जैसे दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान आदि में

बेमौसम की वर्षा हुई, जिसका ज्योतिषीय कारण जल राशि कर्क में मंगल और शुक्र का गोचर था।

चूंकि नौतपा में इन राज्यों में अधिक गर्मी नहीं पड़ी तो इस लिए जुलाई के महीने में जब मंगल अग्नि तत्व की

राशि सिंह में गोचर कर रहे होंगे तब मानसून के पहले महीने में इन स्थानों पर

कम वर्षा होने तथा तापमान के अधिक रहने की संभावना निर्मित हो रही है।

सूर्य के आर्द्रा प्रवेश की कुंडली दे रही है आसामान्य मानसून के संकेत

22 जून की शाम 5 बजकर 50 मिनट पर सूर्य आर्द्रा नक्षत्र में प्रवेश करेंगे, तब वृश्चिक लग्न उदित हो रहा होगा

तथा चंद्रमा जल राशि कर्क में रहेंगे। चंद्रमा से केंद्र में जलीय ग्रह गुरु और शुक्र का होना मानसून (Monsoon) की

अच्छी शुरुआत का योग हैं। 4 जून की पूर्णिमा से केरल और दक्षिण भारत के राज्यों में अच्छी वर्षा होगी।

दिल्ली-एनसीआर में भी मानसून 2 या 3 जुलाई तक दस्तक दे देगा। इस बीच मुंबई, रायपुर, नागपुर,

भोपाल तथा कलकत्ता आदि शहरों में जुलाई के दूसरे पखवाड़े में मंगल

और शुक्र की कर्क राशि में बन रही युति के चलते अच्छी वर्षा होगी।

मानसून (Monsoon) में इन राज्यों में होगी अच्छी बरसात

लेकिन 18 जुलाई से 16 अगस्त के बीच अधिक मास होने के चलते इस बार बारिश में कुछ बाधा आ सकती है।

अधिक मास की इस अवधि में दिल्ली -एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश तथा उत्तराखंड में सामान्य से

कम वर्षा होने के संकेत हैं। बाद में 17 अगस्त को सिंह राशि में सूर्य के प्रवेश के समय शनि के अति-वक्री गति के कारण

पश्चिम भारत में गुजरात और महाराष्ट्र में कुछ कम वर्षा होगी लेकिन

पूर्वी भारत में असम, ओडिशा, और पश्चिम बंगाल में अच्छी वर्षा होगी।

पंजाब और हरियाणा में कब वर्षा से हानि का योग

सितंबर के महीने में मंगल कन्या राशि में सूर्य से आगे गोचर कर रहे होंगे। भविष्यफल भास्कर के अनुसार,

सूर्य से आगे मंगल के गोचर करने के समय वर्षा में बाधा आ सकती है।

सितंबर के महीने में बिहार, झारखण्ड, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना आदि क्षत्रों में वर्षा में कुछ कमी आ सकती

है। कुल मिलकर मानसून के समय 95% वर्षा होने की संभावना है लेकिन कहीं सूखे तो कही बाढ़ की स्थिति के

कारण इस वर्ष किसानों को नुकसान होने के योग बन रहे हैं। धान की फसल को पंजाब और हरियाणा में विशेष रूप से

जुलाई के मध्य से अगस्त के मध्य तक तथा सितंबर के शुरू में कुछ कम वर्षा होने हानि हो सकती है।

 

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Ajay Sharmahttps://computersjagat.com
Indian Journalist. Resident of Kushinagar district (UP). Editor in Chief of Computer Jagat daily and fortnightly newspaper. Contact via mail computerjagat.news@gmail.com

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