missile: दुश्मन की अब खैर नहीं! ब्रह्मोस मिसाइल के एडवांस वर्जन का सुखोई फाइटर जेट से सफल परीक्षण, विडियो
BrahMos Missile: भारतीय वायुसेना ने गुरुवार को SU-30एमकेआई विमान से एक जलपोत को निशाना साधकर
आकाश से प्रक्षेपित ब्रह्मोस मिसाइल के अधिक दूरी की क्षमता वाले संस्करण का सफल परीक्षण किया.
सरकार ने इसकी जानकारी दी. उसने बताया कि मिसाइल ने बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में अपेक्षित मिशन उद्देश्यों को
प्राप्त किया. पत्र सूचना कार्यालय के रक्षा प्रकोष्ठ द्वारा जारी बयान के अनुसार,
‘भारतीय वायुसेना ने एसयू-30एमकेआई विमान से एक जलपोत को निशाना साधकर
आकाश से प्रक्षेपित ब्रह्मोस मिसाइल के अधिक दूरी की क्षमता वाले संस्करण का सफल परीक्षण किया.’
The IAF successfully fired the Extended Range Version of the Brahmos Air Launched missile. Carrying out a precision strike against a Ship target from a Su-30 MKI aircraft in the Bay of Bengal region, the missile achieved the desired mission objectives. pic.twitter.com/fiLX48ilhv
— Indian Air Force (@IAF_MCC) December 29, 2022
इसके साथ, वायु सेना ने बहुत लंबी दूरी पर जमीन या समुद्री लक्ष्यों के खिलाफ
एसयू-30एमकेआई विमान से सटीक हमले करने के लिए ‘महत्वपूर्ण क्षमता विस्तार’ प्राप्त कर लिया है.
सरकार ने कहा, ‘एसयू-30एमकेआई विमान के उच्च प्रदर्शन के साथ मिसाइल की विस्तारित रेंज क्षमता
वायुसेना को एक रणनीतिक प्रसार प्रदान करती है और इसे भविष्य के युद्ध क्षेत्रों में प्रभुत्व दिखाने का मार्ग
प्रशस्त करती है.’ बयान में कहा गया है कि इस उपलब्धि को हासिल करने में वायु सेना, नौसेना, रक्षा अनुसंधान और
विकास संगठन (DRDO), बीएपीएल तथा एचएएल के विशिष्ट और संयुक्त प्रयास कारगर रहे हैं.
.@IAF_MCC today successfully fired the Extended Range Version of Brahmos Air Launched missile against a Ship Target from a SU-30MKI aircraft
The missile achieved the desired mission objectives in the Bay of Bengal region
Read here: https://t.co/apeybefCuM pic.twitter.com/1CQNnyhUMX
— PIB India (@PIB_India) December 29, 2022
रिपोर्ट के मुताबिक मिसाइल की विस्तारित रेंज 400 किमी होगी. बता दें कि इससे पहले इसी साल मई में
मिसाइल के विस्तारित रेंज संस्करण का सुखोई लड़ाकू विमान से सफल परीक्षण किया गया था.
विस्तारित सीमा को 290 किमी से बढ़ाकर 350 किमी करने की जानकारी मिली थी.
