Chandrayaan-3: मैं अपनी मंजिल पर पहुंच गया हूं और भारत भी; चंद्रयान-3 ने चांद से भेजा संदेश

Date:

spot_img
spot_img

Date:

spot_img
spot_img

Chandrayaan-3: मैं अपनी मंजिल पर पहुंच गया हूं और भारत भी; चंद्रयान-3 ने चांद से भेजा संदेश

Chandrayaan-3: भारत ने बुधवार को नया इतिहास रच दिया।

पहली बार कोई देश चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर अपना एयरक्राफ्ट सफलतापूर्वक उतारने में कामयाब रहा।

- Advertisement -
- Advertisement -

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने बुधवार को अंतरिक्ष क्षेत्र में एक नया इतिहास रचते हुए चंद्रमा के दक्षिणी

ध्रुव पर लैंडर ‘विक्रम’ और रोवर ‘प्रज्ञान’ से लैस एलएम की साफ्ट लैंडिग कराने में सफलता हासिल की।

भारतीय समयानुसार शाम करीब छह बजकर चार मिनट पर इसने चांद की सतह को छुआ।

चांद पर उतरने के बाद चंद्रयान-3 ने धरती पर भारत के लिए संदेश भेजा है।

इसरो ने शाम 6.04 बजे एक्स (ट्विटर) पर एक पोस्ट के साथ भारत को बधाई दी।

ठीक इसी वक्त पर चंद्रयान-3 ने चंद्रमा की सतह को छुआ था।

पोस्ट में इसरो ने मिशन की सफलता के लिए देश के लोगों को बधाई दी है।

इसरो ने Chandrayaan-3 का पैगाम देते हुए लिखा, “भारत, मैं अपनी मंजिल पर पहुंच गया हूं

और तुम भी! चंद्रयान-3 सफल रहा। चंद्रमा पर सॉफ्ट लैंडिंग हुई!

बधाई हो, भारत!” बता दें कि भारत अब दक्षिणी ध्रुव के पास उतरने वाला पहला देश बन गया है।

चंद्रयान-3 का ये पैगाम खबर लिखे जाने तक (50 मिनट के अंदर) दो लाख से ज्यादा बार रीट्वीट किया जा चुका है।

इसे करीब 5 लाख लाइक्स भी मिल चुके हैं। वैसे ये पहला मौका नहीं जब Chandrayaan-3 ने अपने संदेशों ने लोगों

का दिल जीता है। इससे पहले भी चंद्रयान-3 अपने हर पड़ाव के बारे में देश को बताता रहा है।

भारत चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर साफ्ट लैंडिंग कराने वाला दुनिया का पहला देश तथा चांद की सतह पर साफ्ट लैंडिंग

करने वाले चार देशों में शामिल हो गया है। इसरो के महत्वाकांक्षी तीसरे चंद्रमा मिशन ”चंद्रयान-3” के लैंडर

मॉड्यूल (एलएम) ने बुधवार शाम चंद्रमा की सतह को चूम कर अंतरिक्ष विज्ञान में सफलता की एक नयी इबारत रची।

वैज्ञानिकों के अनुसार इस अभियान के अंतिम चरण में सारी प्रक्रियाएं पूर्व निर्धारित योजनाओं के अनुरूप ठीक से चली।

यह एक ऐसी सफलता है जिसे न केवल इसरो के शीर्ष वैज्ञानिक बल्कि भारत का हर आम और खास

आदमी टीवी की स्क्रीन पर टकटकी बांधे देख रहा था। लैंडर ‘विक्रम’ और रोवर ‘प्रज्ञान’ से लैस एलएम ने बुधवार शाम

6.04 बजे चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सॉफ्ट लैंडिंग की। यह एक ऐसी उपलब्धि है,

जो अब तक किसी भी देश को हासिल नहीं हुई है। इसरो के अधिकारियों के मुताबिक,

लैंडिंग के लिए लगभग 30 किलोमीटर की ऊंचाई पर लैंडर “पॉवर ब्रेकिंग फेज” में कदम रखता है

और गति को धीरे-धीरे कम करके, चंद्रमा की सतह तक पहुंचने के लिए

अपने चार थ्रस्टर इंजन की ‘रेट्रो फायरिंग’ करके उनका इस्तेमाल करना शुरू कर देता है।

 

Share This:
Ajay Sharmahttps://computersjagat.com
Indian Journalist. Resident of Kushinagar district (UP). Editor in Chief of Computer Jagat daily and fortnightly newspaper. Contact via mail computerjagat.news@gmail.com

Most Popular

More like this
Related

होली पर फिर चर्चा में आई Chirag Paswan की शादी

होली पर फिर चर्चा में आई Chirag Paswan की...

गोरखपुर में रंगों का उत्सव: CM Yogi Adityanath ने मनाई होली

गोरखपुर में रंगों का उत्सव: CM Yogi Adityanath ने...

Kushinagar के पडरौना में श्री श्याम मंदिर पर धूमधाम से मना रंगोत्सव

Kushinagar के पडरौना में श्री श्याम मंदिर पर धूमधाम...