227 दिनों बाद यूट्यूबर Manish Kashyap को मिली जमानत, लेकिन नहीं मिलेगी जेल से रिहाई

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227 दिनों बाद यूट्यूबर Manish Kashyap को मिली जमानत, लेकिन नहीं मिलेगी जेल से रिहाई

Manish Kashyap: तमिलनाडु में प्रवासी बिहारियों के साथ

मारपीट और हिंसा के कथित मामले में फंसे बिहार के चर्चित यूट्यूबर मनीष कश्यप को

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बड़ी राहत मिली है। समाचार चैनलों की रिपोर्ट के मुताबिक मदुरै कोर्ट ने

त्रिपुरारी कुमार उर्फ मनीष कश्यप की जमानत अर्जी को मंजूर कर लिया है।

इसके साथ ही मनीष पर लगाए गए NSA की धाराओं को भी हटा लिया है।

कश्यप के समर्थकों और परिजनों में इससे काफी खुशी देखी जा रही है।

Manish Kashyap की तुरंत रिहाई पर संशय है क्योंकि उन पर बिहार में भी मामले दर्ज हैं।

केस अभी चलता रहेगा। देखना होगा कि उन्हें बाकी मामलों में जमानत कब मिलती है।

तमिलनाडु के विभिन्न जिलों में रहकर काम करने वाले प्रवासी बिहारी के साथ

मारपीट और हिंसा की खबरें आईं थी। मामला गर्म होने के बाद बिहार के

अधिकारियों की टीम तमिलनाडु गई और पूरी जांच की गयी।

जांच के दौरान पता चला कि कुछ लोगों के द्वारा नफरत फैलाने का

उद्येश्य से फर्जी वीडियो बनाकर वायरल किया गया। जांच के दौरान

मनीष कश्यप की संलिप्तता की बात सामने आई। यूट्यूबर पर आरोप है

कि फर्जी वीडियो बनाकर नफरत फैलाने के मकसद से प्रसारित किया।

इस मामले में तमिलनाडु के अलावा बिहार में भी उस पर कई केस दर्ज किए गए।

18 मार्च 2023 को बेतिया में दर्ज एक आपराधिक मामले में कुर्की जब्ती की

प्रक्रिया शुरू होने के बाद मनीष कश्यप ने जगदीशपुर थाने में सरेंडर कर दिया।

उन्हें पटना लाया गया जहां से बिहार पुलिस की पूछताछ के बाद तमिलनाडु पुलिस ने भी

उन्हें गिरफ्तार कर लिया और मदुरै ले गई। तमिलनाडु पुलिस ने उन पर

एनएसए यानि राष्ट्रीय सुरक्षा कानून की धाराओं में कार्रवाई शुरू कर दी।

यह भी पढ़ें :Supreme Court: राहुल गांधी को सजा सुनाने वाले सूरत CJM के प्रमोशन पर भी रोक, सुप्रीम कोर्ट से 68 जजों को झटका

माननीय कोर्ट ने इसे हटा दिया है। मनीष को जमानत भी दे दी गयी है।

फिलहाल दोनों राज्यों में मनीष कश्यप पर कार्रवाई चल रही है।

जब जांच शुरू हुई तो ईडी ने भी उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दिया।

ईडी में 4 केस दर्ज कर उनके यूट्यूब चैनल के दफ्तर और अन्य ठिकानों पर छापेमारी की गयी।

दो राज्यों में कानूनी कार्रवाई को देखते हु यूट्यूबर मनीष कश्यप ने अपने वकील के जरिए

सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। कहा कि बिहार और तमिलनाडु में चल रहे

सभी मामलों को एक ही जगह चलाया जाए। लेकिन इस मामले में राहत नहीं मिली।

लेकिन बेतिया में बैंक अधिकारी से रंगदारी मांगने और निवर्तमान विधायक से

मारपीट के मामलों में पेशी के लिए उन्हें बिहार लाया गया। पटना कोर्ट में पेशी के

बाद उन्हें कोर्ट के आदेश पर बिहार के बेऊर जेल में रखा गया है।

पिछले दिनों कोर्ट में पेशी के दौरान मनीष कश्यप ने लालू यादव के खिलाफ बड़ी बात कह दी।

हथकड़ी मे ंजकड़े मनीष ने तेजस्वी यादव पर जमकर भड़ास निकाली।

उन्होंने जेल के अंदर की व्यवस्था पर सवाल उठाए। उसके बाद सुरक्षाकर्मियों पर कार्रवाई करते हुए

उनकी कोर्ट में सदेह पेशी पर रोक लगा दी गई और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेशी की व्यवस्था कर दी गई।

 

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Ajay Sharmahttps://computersjagat.com
Indian Journalist. Resident of Kushinagar district (UP). Editor in Chief of Computer Jagat daily and fortnightly newspaper. Contact via mail computerjagat.news@gmail.com

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