Airport: यूपी के इस एयरपोर्ट निर्माण को हरी झंडी, उड़ान का जल्द सपना होगा साकार
Airport:मेरठ में हवाई अड्डे के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने बुधवार को एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) के चेयरमैन और अन्य अधिकारियों के साथ अहम बैठक की।
इस बैठक में मेरठ एयरपोर्ट के निर्माण में आ रही बाधाओं को दूर करने और ATR-72 जैसे छोटे विमानों के संचालन के लिए एयरपोर्ट को विकसित करने पर चर्चा हुई।
साथ ही, इन बाधाओं को हटाने के लिए 21 करोड़ 60 लाख 53 हजार 255 रुपये की राशि जारी करने का अनुरोध शासन से किया गया है।
बैठक में प्रमुख बिंदु
राज्यसभा सांसद डॉ. वाजपेयी ने बताया कि मेरठ एयरपोर्ट को प्रारंभिक चरण में ATR-72 जैसे 72 सीटर विमानों के संचालन के लिए विकसित किया जाएगा, क्योंकि बड़े विमानों की मेरठ में आवश्यकता नहीं है और बहुत छोटे विमान उपलब्ध नहीं हैं।
AAI के चेयरमैन के साथ हुई सकारात्मक वार्ता में यह तय किया गया कि एयरपोर्ट के विकास के लिए आवश्यक 140.59 एकड़ जमीन में से 132 एकड़ जमीन पहले से ही उपलब्ध है।
इसमें से 109 एकड़ जमीन नागरिक उड्डयन विभाग के नाम दर्ज हो चुकी है, जबकि 23 एकड़ जमीन को दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है। शेष 8.59 एकड़ जमीन भी AAI की आवश्यकतानुसार जल्द उपलब्ध कराई जाएगी।
बाधाओं को दूर करने के लिए जरूरी राशि
मेरठ एयरपोर्ट के रास्ते में आने वाली बाधाओं को हटाने के लिए विभिन्न विभागों को निम्नलिखित राशि की आवश्यकता बताई गई है, जिसे नागरिक उड्डयन विभाग द्वारा संबंधित विभागों को उपलब्ध कराया जाएगा:
- विद्युत विभाग: बिजली के खंभों और लाइनों को हटाने के लिए 2.80 करोड़ रुपये।
- लोक निर्माण विभाग (PWD): मूल्यांकन की गई संपत्तियों के लिए 18.80 करोड़ रुपये।
- वन विभाग: एयरपोर्ट के रास्ते में आने वाले 1152 पेड़ों को काटने और नए पेड़ लगाने की व्यवस्था के लिए राशि।
- लघु सिंचाई विभाग: तीन ट्यूबवेल हटाने के लिए 1,09,157 रुपये।
शासन से अनुरोध
डॉ. वाजपेयी ने शासन से इन बाधाओं को दूर करने के लिए 21.60 करोड़ रुपये की राशि जारी करने का आग्रह किया है।
इस राशि के उपलब्ध होने पर बिजली लाइनों, पेड़ों, और अन्य अवरोधों को हटाने का कार्य शुरू हो सकेगा, जिससे मेरठ से हवाई उड़ान का मार्ग प्रशस्त होगा।
सकारात्मक प्रगति
राज्यसभा सांसद ने कहा, “AAI के चेयरमैन के साथ हुई वार्ता बहुत सकारात्मक रही। मेरठ एयरपोर्ट के लिए जरूरी जमीन का बड़ा हिस्सा उपलब्ध है, और बाकी की प्रक्रिया भी जल्द पूरी की जाएगी। शासन से राशि मिलते ही बाधाएं दूर हो जाएंगी, और मेरठवासियों का हवाई उड़ान का सपना जल्द साकार होगा।”
मेरठ के लिए महत्व
मेरठ में एयरपोर्ट का विकास न केवल स्थानीय लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगा, बल्कि क्षेत्र के व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देगा।
उड़ान योजना के तहत मेरठ को हवाई सेवा से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है, और यह कदम उस दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रगति है।
निष्कर्ष
मेरठ एयरपोर्ट के विकास के लिए जमीन और बाधाओं को दूर करने की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। शासन द्वारा राशि स्वीकृत होने और बाधाएं हटने के बाद जल्द ही परतापुर की डॉ. भीमराव आंबेडकर हवाई पट्टी से ATR-72 विमानों की उड़ान शुरू होने की उम्मीद है।
