flood:सीएम योगी बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच पहुंचे,मंत्रियों को भी दिया टास्क,मौके पर पहुंचने का निर्देश
उत्तर प्रदेश के बड़े इलाके को बारिश और बाढ़(flood) ने भारी नुकसान पहुंचाया है।
लाखों लोग बाढ़ (flood) से प्रभावित हो गए हैं। योगी आदित्यनाथ सरकार लोगों को राहत देने में जुट गई है।
मुख्यमंत्री खुद भी बलरामपुर में बाढ़ प्रभावित लगोों के बीच पहुंचे। अपने हाथों से राहत सामग्री का वितरण किया।
सीएम योगी ने निर्देश दिए हैं कि सभी मंत्री समूह जिलों में भ्रमण पर निकलें
और बाढ़ (flood) प्रभावित इलाकों में राहत व बचाव कार्यों को और बेहतर करने का प्रयास करें।
मुख्यमंत्री ने एक उच्चस्तरीय बैठक में प्रदेश में हुई भारी बारिश से उपजी परिस्थितियों की समीक्षा की।
वर्तमान में राप्ती और सरयू (घाघरा) खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
मुख्यमंत्री ने नदियों के जलस्तर की सतत निगरानी के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने भारी बारिश से प्रभावित सभी जिलों में राहत एवं पुनर्वास कार्य तेज करने
और एडीएम-जॉइंट मैजिस्ट्रेट स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में जिलों में कंट्रोल रूम को 24×7 क्रियाशील
रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बीते कुछ दिनों में अत्यधिक बरसात से
जनजीवन, पशुधन और खेती-किसानी पर प्रतिकूल प्रभाव देखने को मिला है।
कई जनपदों में जन-धन हानि की सूचना मिली है। राज्य सरकार सभी
प्रभावित जनों की सुरक्षा और भरण-पोषण के लिए जरूरी प्रबंध करने को प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने भारी बारिश, आकाशीय विद्युत, सर्पदंश और डूबने से हुई
जनहानि पर दुःख व्यक्त करते हुए निर्देश दिए कि दिवंगत व्यक्तियों के परिजनों को अनुमन्य राहत राशि तत्काल
वितरित की जाए और घायलों का समुचित उपचार कराया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़(flood) प्रभावित क्षेत्रों में आमजन को तत्काल मदद पहुंचाई जाए।
राहत पैकेट के वित्तरण में देरी न हो। राहत शिविरों में प्रकाश के पर्याप्त प्रबंध होने चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह संवेदना और सहयोग का समय है। हमारी पूरी टीम को एकजुट होकर कार्य करे।
सांप से काटने पर बचाव के इंजेक्शन रखें
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में विभिन्न जलजनित-मच्छर जनित बीमारियों के प्रसार की
आशंका होती है। साथ ही सर्पदंश की घटनाएं बढ़ने की आशंका है।
ऐसे में राहत शिविरों का समीप स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएं। यहां एंटी वेनम इंजेक्शन की उपलब्धता जरूर रहे।
कृषि फसलों पर पड़े प्रभाव की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी
जिलों में राजस्व और कृषि विभाग की टीम गहन सर्वेक्षण करते हुए नुकसान का आकलन करे ताकि किसानों को
क्षतिपूर्ति की जा सके। मुख्यमंत्री ने इस कार्य को शीर्ष प्राथमिकता देते हुए किए जाने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुधन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए
कहा कि इन क्षेत्रों में पशुचारे का पर्याप्त प्रबन्ध किया जाए। वर्तमान में प्रदेश के 15 जिलों में 1500 से अधिक
गांवों की लगभग 25 लाख की आबादी बाढ़ से प्रभावित है। मुख्यमंत्री ने इन सभी बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य
के लिए जरूरत के मुताबिक एनडीआरएफ, एसडीआरएफ व पीएसी की टीमें तैनात करने के निर्देश दिए।
