Scheme: मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना से जिले में 517 बच्चों को मिल रहा आर्थिक सहयोग
Scheme: उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य) के तहत कुशीनगर जिले में 517 बालक और बालिकाओं को आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है।
जिला प्रोबेशन अधिकारी विनय कुमार ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य उन बच्चों और किशोरों के भविष्य को संवारना है,
जो विभिन्न कारणों से अपने माता-पिता या अभिभावक को खो चुके हैं या जिनके परिवार विपरीत परिस्थितियों से गुजर रहे हैं।
योजना का उद्देश्य और लाभार्थी
यह योजना 18 वर्ष से कम उम्र के उन बच्चों के लिए है, जिन्होंने कोविड-19 के अलावा अन्य कारणों से अपने माता-पिता दोनों या किसी एक को अथवा अभिभावक को खो दिया हो।
इसके अलावा, 18 से 23 वर्ष के किशोर जो उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं या राष्ट्रीय व राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं,
वे भी इस योजना के दायरे में आते हैं। योजना में निम्नलिखित श्रेणियों के बच्चे शामिल हैं:
• जिनके माता-पिता या अभिभावक जेल में हैं।
• जिनकी मां तलाकशुदा या परित्यक्ता है।
• जो बाल श्रम, बाल भिक्षावृत्ति या बाल वैश्यावृत्ति से मुक्त कराए गए हैं।
• भिक्षावृत्ति या वैश्यावृत्ति में शामिल परिवारों के बच्चे।
आर्थिक सहायता और पात्रता
पात्र बच्चों को प्रतिमाह 2500 रूपये की आर्थिक सहायता दी जाती है।
एक परिवार के अधिकतम दो बच्चों को यह लाभ मिल सकता है।
परिवार की वार्षिक आय 3 लाख रूपये से कम होनी चाहिए, हालांकि माता-पिता दोनों की मृत्यु होने पर यह शर्त लागू नहीं होती।
पात्रता के लिए माता-पिता या अभिभावक की मृत्यु 1 मार्च 2020 के बाद हुई होनी चाहिए।
आवेदन प्रक्रिया
जिला प्रोबेशन अधिकारी ने बताया कि आवेदन पत्र ग्रामीण क्षेत्रों में खंड विकास अधिकारी कार्यालय, शहरी क्षेत्रों में उप जिलाधिकारी कार्यालय,
जिला बाल संरक्षण इकाई, राय भवन, रविंद्रनगर धूस, कुशीनगर से प्राप्त किए जा सकते हैं।
आवेदन ऑफलाइन जमा होंगे और सभी आवश्यक दस्तावेज स्वप्रमाणित होने चाहिए।
बच्चों के भविष्य को संवारने की पहल
विनय कुमार ने कहा कि यह योजना न केवल आर्थिक सहायता प्रदान करती है, बल्कि बच्चों को शिक्षा और बेहतर जीवन के अवसर भी देती है।
कुशीनगर में इस योजना से लाभान्वित 517 बच्चों के परिवारों में उम्मीद की नई किरण जगी है।
