Quality: नारायणी नदी में पहले आई बाढ़ ने ही बाढ़ खंड द्वारा कराए गए कार्यों की गुणवत्ता पर लगा प्रश्न चिन्ह

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Quality: नारायणी नदी में पहले आई बाढ़ ने ही बाढ़ खंड द्वारा कराए गए कार्यों की गुणवत्ता पर लगा प्रश्न चिन्ह

Quality: कुशीनगर के खड्डा नारायणी नदी में ज्यों ज्यों पानी कम हो रहा है त्यों-त्यों नदी कटान करने लगी है। साथ ही छितौनी बांध के ठोकर पर दवाव वढने लगा है

छितौनी बांध के किमी 12.100 लक्ष्मीपुर गांव के सामने वने ठोकर के डाउन स्टीम में वैकरोलिंग होने से जहां किसानों की फसले कटकर नदी में गिरने लगी है।

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इनकी सुरक्षा के लिए वाढखण्ड द्वारा लगाए गये पर्कोपाइन जमीन दोज हो गये है।

बताते चलें कि नारायणी नदी में पहले आई बाढ़ ने ही बाढ़ खंड द्वारा कराए गए कार्यों की गुणवत्ता पर प्रश्न चिन्ह खड़ा कर दिया है ।

मुसहरी ढाले के सामने बने ठोकर हुआ जर्जर

मुसहरी ढाले के सामने बने ठोकर जर्जर हो चुके हैं साथ ही आई बाढ़ में सबसे ज्यादा दबाव इसी ठोकर पर था यहां से पानी लड़कर सीधे 12.100, 12.00 पर दबाव बनाया।

जिससे किसानो की पच्चीसों एकड़ गन्ने की फसल नदी में विलीन हो गयी।

किलोमीटर 12.100 पर हो रहे बैक रोलिंग के चलते नदी बाढ़ खंड द्वारा कार्य कराए गए कार्य को लॉन्च कर दिया है जिसे बाढ़ खण्ड ने बोरियों की जाली बनाकर काफी मसक्कत करने के बाद ठोकर को बचा पाया।

विडंबना तो देखिए इस ठोकर को बचाने के लिए बाढ़ खंड द्वारा मौके पर मात्र एक ट्राली बोल्र्डर ही बेतरतीब रखा गया है।

और ठोकर बचाने का कार्य बालू की बोरियो को भरकर किया गया है।

इतना ही नहीं 12.700 के फार्क का नोज 11मीटर वनाया गया है तथा इसकी सुरक्षा के लिए वनाये गये काउंटर वर्म लॉन्च करने लगे हैं एवं फार्क के अप और डाउन स्टीम में वोल्डर की पिचिंग उखड़ने लगी है।

साथ ही डाउन स्टीम में नदी कटान करते करते वीर भार ठोकर तक पहुंचने लगी है।जिसे देखकर भी विभाग अनजान वना हुआ है।

क्या कहते हैं एसडीओ

इस संबंध में एस डी ओ वाढ खण्ड मनोरंजन कुमार का कहना है कि हम अपना स्ट्रक्चर बचाने का कार्य कर रहे हैं। थोड़ी बहुत फसल तो कटेगा ही।हम स्वयं जाकर देख लेंगे।

 

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Ajay Sharmahttps://computersjagat.com
Indian Journalist. Resident of Kushinagar district (UP). Editor in Chief of Computer Jagat daily and fortnightly newspaper. Contact via mail computerjagat.news@gmail.com

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