Public work:दिसम्बर के अंत तक पीपा पुल का हो सकेगा संचलन, निर्माण स्थल पर बांस, बल्लियां आदि सामग्री गिरना हुआ शुरू
खबर का असर
public work:खड्डा! कुशीनगर:- खड्डा तहसील क्षेत्र के भैंसहां गांव के समीप गण्डक नदी पर पीपा का पुल दिसम्बर
महीने के अंत तक लगेगा। खबर प्रकाशित होने के बाद निर्माण स्थल पर बांस,
बल्लियां आदि सामग्री गिरना शुरू हो गया है। इस आशय की जानकारी लोकनिर्माण विभाग ने दी है।
बरसात बीतने के बाद खड्डा के भैंसहां घाट में गण्डक नदी पर हर साल लोक निर्माण विभाग द्वारा
15 नवम्बर से जून माह तक पीपा का पुल चलाया जाता है। इस रास्ते दियारा क्षेत्र के दर्जनों गांवों की आवाजाही रहती है
और कुशीनगर सहित महराजगंज जनपदों के नदी इस पार एवं दियारा पार बसे गांवों के लोगों के लिए
इस रास्ते दूरी कम हो जाती है। बरसात शुरू होने के बाद जून के महीने में नदी का जलस्तर बढ़ जाने पर पीपा पुल हटा
दिया जाता है। मगर पुल चालू होने की कौन कहे अभी तक पुल बनाने का भी काम शुरू नहीं हुआ।
दियारा क्षेत्र के कुशीनगर के शिवपुर, बसंतपुर, हरिहरपुर नरायनपुर, मरचहवा, बालगोविंद छपरा, मथुरा छपरा,
शाहपुर, बकुलादह तो महराजगंज जनपद के सोहगीवरवां, भोतहां, शिकारपुर आदि गांवों के लिए
यह पुल लाइफ लाइन का काम करता है। वहीं इलाके के छात्र, व्यापारी, दूधिए समेत रोजाना आने जाने वाले लोगों के
लिए यह पुल ही एकमात्र रास्ता है। खड्डा इलाके के मदनपुर सुकरौली, भेड़ीहारी, भैसहां, तुर्कहां, हनुमानगंज, शाहपुर,
बसडीला, रंजिता, पकड़ी बृजलाल समेत कई गांवों के लोगों की खेती दियारा में क्षेत्र में है।
खेती के सीजन में रोजाना लोगों का आना- जाना लगा रहता है। मगर पुल न होने से लोगों को नाव के सहारे
नदी पार करनी पड़ रही है। नाव ओवरलोडेड होने पर दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
गण्डक नदी क्षेत्र में पूर्व में कई बार दुर्घटनाएं भी हो चुकी है। मगर इसके
बावजूद भी लोक निर्माण विभाग पुल निर्माण को लेकर लापरवाह बना है।

इसको लेकर कम्प्यूटर जगत समाचार पत्र ने प्रमुखता से प्रकाशित खबर प्रकाशित किया जिसका संज्ञान लेकर
लोक निर्माण विभाग ने सामने आकर दिसम्बर महीने के अंत तक पीपा पुल लगाने की बात कही है।
लोनिवि के सहायक अभियंता बैजनाथ शर्मा ने बताया है कि बीते वर्ष भी 31 दिसम्बर को
पुल का संचालन शुरू हुआ था। वर्तमान में पानी का जलप्रवाह स्थिर हो गया है।
इस बार भी दिसम्बर महीने के अंत तक पान्टून सेतु का संचालन प्रारंभ कर दिया जायेगा।
