जिला सह संघ चालक के बेटे की हत्या, दिल दहला देने वाली वारदात
Murder: कुशीनगर में कुबेरस्थान थाना क्षेत्र के सेमरा गांव में शुक्रवार की देर शाम खेत में पशु चराने के विवाद ने खूनी रूप ले लिया। इस दौरान दबंगों ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के जिला सह संघ चालक इंद्रजीत सिंह के छोटे पुत्र और अखिल भारतीय गहरवार क्षत्रिय महासभा के जिला संगठन मंत्री उत्कर्ष सिंह (40) की बेरहमी से हत्या कर दी।
ग्रामीणों के अनुसार, हत्यारों ने पहले उत्कर्ष को खेत में पीटा, फिर जान बचाने के लिए गांव की ओर भाग रहे उत्कर्ष का पीछा कर उनके घर को घेर लिया और फरसे व लाठी-डंडों से हमला कर मार डाला।
हत्यारों ने उत्कर्ष की आंख फोड़ दी और कान काट डाले। पुलिस के पहुंचने तक आरोपी उनका गला दबाकर बैठे रहे। पुलिस ने परिजनों की तहरीर पर चार आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर तीन को हिरासत में ले लिया है, जबकि चौथा आरोपी फरार है।

घटना के अनुसार, इंद्रजीत सिंह शुक्रवार को कसया गए थे। शाम को उत्कर्ष को सूचना मिली कि उनके खेत में पशु चर रहे हैं। खेत पहुंचने पर उन्होंने पास की झोपड़ी में रहने वाले कन्हई यादव के परिवार से इस बात का विरोध किया।
फरसे व लाठी-डंडों से किया हमला
इस पर कन्हई के चार बेटों—सच्चिदानंद यादव, श्रीनिवास यादव, देवेंद्र यादव और ज्ञान यादव—के साथ उनकी बहस हो गई, जो जल्द ही मारपीट में बदल गई। उत्कर्ष अकेले थे और चारों ने मिलकर उन पर फरसे व लाठी-डंडों से हमला कर दिया।
जान बचाने के लिए उत्कर्ष गांव की ओर भागे, लेकिन आरोपियों ने उनका पीछा किया और गांव में घेरकर उन पर ताबड़तोड़ हमले किए।
सिर, चेहरे और शरीर पर गंभीर चोटें लगने के बाद भी हत्यारे उनका गला दबाकर बैठे रहे। ग्रामीणों के अनुसार, हत्यारों ने किसी को बीच-बचाव करने तक नहीं दिया।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और गंभीर हालत में उत्कर्ष को मेडिकल कॉलेज पडरौना ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सीओ डॉ. अजय कुमार सिंह ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और परिजनों के बयान दर्ज किए।
फॉरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए। इंद्रजीत सिंह की तूत्सारक तहरीर पर कन्हई यादव के चार बेटों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने तीन आरोपियों को हिरासत में लिया है, जबकि चौथे की तलाश में छापेमारी शुरू कर दी गई है।
पशुओ से फसलों को कराते थे नुकसान
इंद्रजीत सिंह ने बताया कि कन्हई यादव का परिवार उनकी जमीन के पास झोपड़ी बनाकर रहता है और अक्सर उनके ए जाते थे, जिससे फसलों को नुकसान होता था। उत्कर्ष ने कई बार इस पर एतराज जताया था, लेकिन वह नहीं माने। शुक्रवार को भी पशुओं के फसल चरने की सूचना पर उत्कर्ष खेत पहुंचे थे, जिसके बाद यह नृशंस वारदात हुई।
उत्कर्ष इंद्रजीत सिंह के दो बेटों में छोटे थे। उनके बड़े भाई असीम कुमार सिंह बाहर नौकरी करते हैं। उत्कर्ष ने एमए और बीएड की पढ़ाई पूरी की थी और छह साल पहले उनकी शादी हुई थी। उनकी एक छोटी बेटी है। वह घर की खेती-बाड़ी संभालते थे।
इस घटना से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में इस नृशंस हत्या से दहशत का माहौल है। पुलिस ने गांव में भारी बल तैनात कर दिया है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया गया है।