Meeting:पडरौना चीनी मिल संचालन पर कृषक और कर्मचारी प्रतिनिधियों व प्रशासन में बनी सहमति
Meeting: जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में पडरौना चीनी मिल को चालू करने के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में क्षेत्र के किसानों और चीनी मिल कर्मचारियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। जिलाधिकारी ने सभी को आश्वस्त किया कि मिल को चालू करने के प्रयासों में बेहतर परिणाम प्राप्त होंगे।
बकाया भुगतान और कोर्ट केस वापसी पर सहमति
जिलाधिकारी ने कहा कि किसानों के बकाया गन्ना मूल्य और मिल कर्मचारियों के वेतन का भुगतान सुनिश्चित करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि बकाया भुगतान कर दिया जाए, तो कोर्ट में दायर अपीलों को वापस लेने पर सभी की सहमति है। इस प्रस्ताव पर कृषक प्रतिनिधियों ने सहमति जताई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री की इच्छा है कि किसानों के हित में पडरौना चीनी मिल को शीघ्र चालू किया जाए।
मिल चालू करने की प्रक्रिया और अतिक्रमण हटाने का निर्देश
जिलाधिकारी ने बताया कि मिल को चालू करने के लिए आवश्यक धन की व्यवस्था और अन्य खर्चों का आकलन किया जा रहा है। अगली बैठक में इस संबंध में विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की जाएगी। साथ ही, मिल की 54 एकड़ भूमि पर हुए अतिक्रमण को हटाने के लिए उप जिलाधिकारी पडरौना को निर्देश दिए गए। उन्होंने किसानों से इस कार्य में प्रशासन का सहयोग करने की अपील की।
एक साल में मिल चालू करने का लक्ष्य
जिलाधिकारी ने घोषणा की कि अगले 10-12 दिनों में दूसरी बैठक में बकाया भुगतान और अन्य विवरणों पर चर्चा होगी। उन्होंने एक साल के भीतर चीनी मिल को चालू करने का लक्ष्य रखा है। कृषक प्रतिनिधि बुंदल पांडेय ने स्पष्ट किया कि कोई भी किसान कोर्ट में अपील के पक्ष में नहीं है और सभी चाहते हैं कि मिल जल्द चालू हो। इसके अलावा, ढाडा चीनी मिल के लिए भूमि मुआवजे के मुद्दे पर डेढ़ माह में वार्ता के जरिए समाधान का आश्वासन दिया गया।
बैठक में अपर जिलाधिकारी वैभव मिश्रा, उप जिलाधिकारी पडरौना ऋषभ पुंडीर, कृषक प्रतिनिधि छोटेलाल सिंह, संजय मल्ल, बुंदल पांडेय, राकेश दत्त शुक्ला और मिल कर्मचारी मनोज श्रीवास्तव, टी.एन. सिंह, महेंद्र सिंह, ओम प्रकाश, कामेश्वर तिवारी सहित अन्य उपस्थित रहे।
