Discussion: किसान दिवस पर शिकायतों का निस्तारण और समस्याओं पर हुई चर्चा
Discussion: कुशीनगर उप कृषि निदेशक अतिंद्र सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में माह अगस्त-2025 के किसान दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पिछले किसान दिवस की 13 शिकायतों का निस्तारण प्रस्तुत किया गया, जिससे शिकायतकर्ताओं ने संतुष्टि जताते हुए उप कृषि निदेशक व संबंधित अधिकारियों को धन्यवाद दिया।
किसानों ने धान के बीज बी.पी.टी.-5204 में समय से पहले बाली निकलने की शिकायत दर्ज की। उप कृषि निदेशक ने बताया कि जनपद में 213 क्विंटल बीज 1222 किसानों को वितरित किया गया था, जिसमें 123 किसानों ने शिकायत दर्ज की। इनके खेतों का निरीक्षण कर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है।
यूरिया खाद वितरण में धांधली
मंडल अध्यक्ष भाजपा रामकोला, मनोहर गुप्ता ने ग्राम समा अमवा बाजार की सहकारी समिति द्वारा यूरिया खाद वितरण में धांधली और कालाबाजारी की शिकायत की। जिला कृषि अधिकारी ने जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया। कृषक राजेश कुशवाहा ने बताया कि उनके 800 पपीते के पौधे आवारा पशुओं और नीलगायों द्वारा नष्ट कर दिए गए। मुख्य पशुचिकित्साधिकारी ने इस समस्या को उच्चाधिकारियों तक पहुंचाने का वादा किया।
कृषक गिरिश राय ने विद्युत कृषि कनेक्शन के लिए राशि जमा करने के बावजूद कनेक्शन न मिलने की शिकायत की। अधिशासी अभियंता विद्युत ने बताया कि 10 और 16 के.वी. ट्रांसफार्मर की कमी के कारण देरी हो रही है, और मांग पूरी होने पर कनेक्शन प्रदान किया जाएगा।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना पर हुई चर्चा
उप कृषि निदेशक ने किसानों से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत ई-केवाईसी कराने की अपील की, क्योंकि जनपद में करीब 50,000 किसानों ने यह प्रक्रिया पूरी नहीं की है। उन्होंने एन.पी.सी.आई. अथवा इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक में नया खाता खोलने की सलाह दी ताकि योजना का लाभ समय पर मिल सके।
कार्यक्रम में जिला कृषि अधिकारी, मुख्य पशुचिकित्साधिकारी, भूमि संरक्षण अधिकारी, जिला खनन अधिकारी, जल निगम ग्रामीण, सिंचाई खंड देवरिया, जिला समन्वयक फसल बीमा, उप दुग्ध विकास अधिकारी, सहायक अभियंता नलकूप, अधिशासी अभियंता विद्युत, जिला प्रबंधक फसल बीमा, अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड प्रथम व द्वितीय, जिला उद्यान अधिकारी, जिला गन्ना अधिकारी, मृदा परीक्षण प्रयोगशाला अध्यक्ष सहित अन्य अधिकारी और प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे।
