World Hepatitis Day: बरसात के मौसम में बढ़ जाता है हेपेटाइटिस का खतरा,इस बीमारी के बारे में जाने लक्षण
World Hepatitis Day: दिल्ली स्थित इंडियन स्पाइनल इंजरीज सेंटर के वरिष्ठ डॉ. अंकुर जैन का कहना है कि हेपेटाइटिस लिवर से जुड़ी गंभीर बीमारी है। वायरल संक्रमण के कारण यह बीमारी होती है, जो लिवर से जुड़ी परेशानियां जैसे लिवर में सूजन से लेकर लिवर कैंसर तक पैदा कर सकती है। मानसून के दौरान हेपेटाइटिस का खतरा अधिक बढ़ जाता है। क्योंकि इस समय दूषित जल स्रोतों के अलावा दूषित भोजन प्राप्त होने से हेपेटाइटिस का वायरस आपको ग्रसित कर सकता है। इसके अलावा भारी बारिश से पीने के पानी में सीवर का पानी मिल सकता है, जिससे गंदा पानी पीने से आप इस वायरस की चपेट में आ सकते हैं। यह जरूरी है कि हेपेटाइटिस के खतरे को कम नहीं समझा जाए। यह बीमारी एचआईवी, मलेरिया और टीबी के संयुक्त मामलों से भी ज्यादा लोगों की जान लेती है।
इन लक्षण पर हो जाएं अलर्ट
डॉक्टरों के अनुसार, थकान, हल्का बुखार, मांसपेशियों में दर्द, भूख न लगना, मतली, गहरे रंग का पेशाब और पेट में परेशानी जैसे लक्षणों को अक्सर फ्लू समझते हैं। यदि समय रहते उनकी जांच करवा ली जाए तब इसका जल्द पता लगाया जा सकता है। रोश डायग्नोस्टिक्स इंडिया के चिकित्सा और वैज्ञानिक मामलों के प्रमुख डॉ. संदीप सेवलिकर बताते हैं कि दुनिया में प्रत्येक 30 सेकंड में किसी एक व्यक्ति की मृत्यु हेपेटाइटिस से हो रही है।
ऐसे भी हो सकते हैं संक्रमित
अन्य वायरस भी इस बीमारी के कारण हो सकते हैं, जैसे कि वैरिकाला वायरस जो चिकन पॉक्स का कारण बनता है। कोरोना पैदा करने वाला वायरस भी लिवर को नुकसान पहुंचा सकता है। इसके अलावा नशीली दवाओं, अल्कोहल, लिवर में वसा के निर्माण (फैटी लिवर हेपेटाइटिस) से भी हो सकता है। ऑटोइम्यून प्रक्रिया या प्रतिरोधक क्षमता की कमी होने से भी लिवर पर हमला करता है। इसे ऑटोइम्यून हेपेटाइटिस कहते हैं।
