Insurance:अगर इसका इलाज नहीं है आपकी हेल्‍थ पॉलिसी में शामिल तो होगा तगड़ा नुकसान, डेंगू का बढ़ रहा खतरा

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Insurance:अगर इसका इलाज नहीं है आपकी हेल्‍थ पॉलिसी में शामिल तो होगा तगड़ा नुकसान, डेंगू का बढ़ रहा खतरा

Insurance: देश में एक बार फिर से डेंगू के मामले बढ़ रहे हैं. हाल ही में हुई

बरसात ने इस बीमारी के प्रकोप को बढ़ाया है. अधिकतर मामलों में डेंगू के इलाज के लिए

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अस्‍पताल में दाखिल नहीं होना पड़ता. लेकिन, ऐसा भी नहीं है कि हर कोई घर पर ही ठीक हो जाए.

कई बार यह बीमारी गंभीर रूप धारण कर लेती है और मरीज को अस्पताल में भर्ती होना पड़ता है.

अस्पताल में दाखिल होने का अर्थ है भारी-भरकम मेडिकल बिल.

मरीज के ब्लड प्लेटलेट्स जब तक उचित स्तर पर न आ जाए तब तक उसका इलाज चलता रहता है.

इसलिए जरूरी है कि आपके पास डेंगू बीमारी को कवर करने वाली हेल्‍थ इंश्‍योरेंस पॉलिसी ( Insurance) हो ताकि

इसके इलाज के लिए आपको अपनी जेब से पैसे न देने पड़ें. वैसे,

यह बीमारी ज्यादातर कॉम्प्रिहेंसिव हेल्थ इंश्योरेंस (Insurance) पॉलिसी के तहत ही कवर हो जाती है.

लेकिन, कुछ कंपनियों की पॉलिसी में यह कवर नहीं होती. इसलिए यह जरूरी है

कि आप यह चेक कर लें कि आपने जो हेल्‍थ इंश्‍योरेंस पॉलिसी ले रखी है, उसमें डेंगू कवर शामिल है या नहीं है.

डेंगू के लिए स्‍पेशल पॉलिसी

अगर आपकी हेल्‍थ पॉलिसी में डेंगू के इलाज का खर्च शामिल नहीं है

तो आप इसके लिए स्‍पेशल पॉलिसी ले सकते हैं. बहुत सी कंपनियां काफी कम प्रीमियम पर

ऐसी पॉलिसी ऑफर करती हैं जिनमें डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया बुखार पर होने वाला खर्च कवर होता है.

रिलायंस जनरल इंश्‍योरेंस, अपोलो म्यूनिख हेल्थ इंश्योरेंस, आईसीआईसीआई लोम्बार्ड, आदित्य बिड़ला, बजाज

अलयांज जैसी कंपनियां डेंगू के लिए खास बीमा पॉलिसी पेश की है.

रिलायंस जनरल इंश्‍योरेंस 1 लाख से 10 लाख रुपये तक के सम एश्‍योर्ड वाली पॉलिसी ऑफर करता है.

इसमें अस्‍पताल में दाखिल होने पर 20 हजार रुपये मिलते हैं.

इसी तरह अपोलो म्‍यूनिख हेल्‍थ इंश्‍योरेंस भी डेंगू के लिए स्‍पेशल पॉलिसी देती है.

इन बातों का रखें

जब भी आप डेंगू के लिए किसी पॉलिसी का चुनाव करें तो यह जरूर देखें की

उसमें आपको क्‍या-क्‍या कवर मिल रहा है. ज्‍यादातर कंपनियां उसी प्रीमियम में कई बीमारियों के लिए

कवर उपलब्‍ध कराती हैं. इस‍लिए ऐसी पॉलिसी का चुनाव करें, जिसमें ज्‍यादा बीमारियां कवर हो.

इसके अलावा वेटिंग पीरियड, सम एश्‍योर्ड और नेटवर्क हॉस्पिटल्‍स और

कंपनी के नियम और शर्तों की अच्‍छे से जानकारी पॉलिसी लेने से पहले ले लेनी चाहिए.

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Ajay Sharmahttps://computersjagat.com
Indian Journalist. Resident of Kushinagar district (UP). Editor in Chief of Computer Jagat daily and fortnightly newspaper. Contact via mail computerjagat.news@gmail.com

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