Health Insurance: सोशल मीडिया पर वायरल हुआ मामला तो इंश्योरेंस कंपनी को मानना पड़ा
Health Insurance: आधुनिक जीवन में हेल्थ इंश्योरेंस (Health Insurance) की एक अदद
पॉलिसी जरूरी होती जा रही है। लेकिन देहरादून में रहने वाले रिलेशनशिप काउंसलर विशाल भारद्वाज को तो
हेल्थ इंश्योरेंस (Health Insurance) पॉलिसी लेने के बाद भी दिक्कत हुई।
वो तो सोशल मीडिया पर उनका दर्द छलका और उनका पोस्ट वायरल हो गया।
इसके बाद बीमा कंपनी घुटने पर आई और उनसे इलाज का खर्च देना स्वीकार किया।
क्या है मामला
देहरादून में रहने वाले रिलेशनशिप काउंसलर विशाल भारद्वाज की साल भर की बिटिया
शाश्वी (Shashvi Bhardwaj) के लिए बीता 15 अगस्त बेहद दर्द भरा रहा। उसी दिन विशाल को पता चला कि बच्ची
की एक आंत फट गई है। उसे आनन-फानन में दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल में भर्ती कराया गया।
मरीज की हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने तत्काल ऑपरेशन का निर्णय लिया।
इतनी जल्दी बीमा कंपनी से अप्रूवल नहीं मिलता, इसलिए परिवार ने अस्पताल में करीब डेढ़ लाख रुपये की रकम
जमा कराई और ऑपरेशन हो गया। इसके बाद अस्पताल की तरफ से
बीमा कंपनी केयर हेल्थ इंश्योरेंस (Health Insurance) से धन राशि की डिमांड की गई।
बीमा कंपनी ने क्या कहा
सर गंगा राम अस्पताल से आई चिट्ठी पर केयर हेल्थ इंश्योरेंस ने धन राशि देने से इंकार कर दिया।
इंश्योरेंस कंपनी का कहना था कि बच्ची को प्री-एक्जिंस्टिंग डिजीज है।
इसका खुलासा पॉलिसी लेते समय नहीं किया गया। इसलिए पैसे नहीं मिलेंगे।
इसके बाद अस्पताल के डॉक्टर ने भी कहा कि बच्ची को इस तरह की पहले से कोई बीमारी नहीं है।
विशाल का कहना है कि गंगा राम अस्पताल के डॉक्टरों के कहने पर भी बीमा कंपनी के अधिकारी नहीं माने।
उन्होंने खुद कॉल किया तो उन्हें कहा गया “जो करना है कर लो, हम नहीं देंगे कुछ”।
सोशल मीडिया पर छलका दर्द
इसके बाद विशाल ने अपना दर्द लिंक्डइन, इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया पर डाला। वह एक काउंसलर हैं,
इसलिए उनके फॉलोअर की संख्या लाखों में है। उनका पोस्ट सोशल मीडिया पर आते ही वायरल हो गया।
इसे 80 लाख से भाी ज्यादा लोगों द्वारा पढ़ा गया। इस पोस्ट को व्हाट्सऐप भी शेयर किया जाने लगा।

LinkedIn पर लिखी पोस्ट
तब नींद से जागी बीमा कंपनी
जब विशाल भारद्वाज का पोस्ट वायरल हुआ तो बीमा कंपनी को भान हुआ।
इसके बाद आज यानी 22 अगस्त 2023 की सुबह कैशलेस ऑथराइजेशन लेटर भेज दिया।
विशाल भारद्वाज ने हमसे बातचीत में कहा कि उन्होंने एक ऑनलाइन कंपनी के कहने पर इंश्योरेंस कंपनी बदला था।
लेकिन उन्हें यह नहीं पता था कि यह कंपनी कैशलेस अप्रूवल देने में इतना नाटक करेगी।
