Health insurance:क्या आप भी बनवाने जा रहे हैं? स्वास्थ्य बीमा कार्ड तो हो जाएं सावधान..
Health insurance: मलोट में आधार कार्ड के बाद अब फर्जी स्वास्थ्य बीमा कार्ड बनाने के धंधे का खुलासा हुआ है। भोले-भाले लोगों को गुमराह कर health insurance कार्ड बनाने के नाम पर उनसे हजारों रुपये वसूले जा रहे हैं।
इसके अलावा आधार कार्ड में जन्मतिथि बदलने समेत अन्य अनियमितताओं के कारण महिलाओं से हजारों रुपये वसूले जा रहे हैं, जिसकी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए।
उल्लेखनीय है कि आधार कार्ड में छोटे-मोटे बदलाव करने के लिए शहर के विभिन्न केंद्रों के संचालकों द्वारा सरकार द्वारा निर्धारित शुल्क की जगह 150 से 200 रुपये वसूलना आम बात है।
शहर के इंदिरा रोड, सराभा नगर समेत कई इलाकों में कथित वैध-अवैध केंद्रों में जहां भोले-भाले लोगों के आधार कार्ड में उम्र बढ़ाने का झांसा देकर इन के जरिए लोगों से हजारों रुपये ठगे जा रहे हैं।
इन सेंटरों के फैले नेटवर्क के कारण वे लोग फंस जाते हैं, 58 या 60 साल की उम्र तक पेंशन के लिए आधार कार्ड बनवाने के लिए आते है और उनसे 1000-1500 या इससे भी ज्यादा चार्ज लिया जाता है।
ग्राहक दो-चार बार चक्कर लगाने के बाद आधार कार्ड की फोटो से सिर्फ उम्र हटा देते हैं या फिर गलत जन्मतिथि लिख देते हैं।
जरूरतमंद और भोली-भाली महिलाएं या पुरुष इनके जाल में फंस जाते हैं। इसके अलावा, आवेदन करते समय, कंप्यूटर गलत आयु कार्ड को स्कैन नहीं करता है।
स्वास्थ्य बीमा कार्ड बनाने के नाम पर हजारों की ठगी का मामला
ताजा मामला यह है कि मलोट के इन केंद्रों ने गरीबों और आम लोगों के इलाज के लिए 5 लाख के स्वास्थ्य बीमा योजना वाले कार्डों की धोखाधड़ी की है।
इस संबंध में दिलबाग सिंह पुत्र हरनाम सिंह निवासी बुर्ज सिधवां का सराभा नगर में चल रहे केंद्र से गलत कार्ड बनाकर धोखाधड़ी की गई है।
उनके भाई बलराज सिंह ढिल्लों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, उनके भाई हृदय रोग के मरीज थे और केंद्र संचालका ने यह झांसा दिया था कि उन्हें 10 हजार रुपये खर्च कार्ड मिलेगा जिस से इलाज मुफ्त होगा।
जब उक्त किसान को इलाज के लिए स्वास्थ्य बीमा कार्ड की जरूरत पड़ी तो उन्होंने ले लिया।
उससे 5 हजार रुपये ले लिए। साथ ही किसान को एक फर्जी कार्ड भी बनाकर दिया और कहा कि अगर आपसे अस्पताल में आपके परिवार के सदस्यों का नाम पूछा जाए तो रूपिंदर कौर, बलजीत कौर, मुख्तियार शामिल हैं। सिंह, बलविंदर सिंह और गुरदयाल सिंह बता देना।
इस संबंध में जब उक्त व्यक्ति को इलाज के लिए बठिंडा के अस्पताल में दाखिल करवाया गया तो फर्जी स्वास्थ्य बीमा कार्ड भेज दिया गया।
स्वास्थ्य कार्ड आधार कार्ड से मेल नहीं खाता था और वास्तव में स्वास्थ्य बीमा कार्ड मौड मंडी के पास एक गांव के एक किसान का था, जिसके पिता का नाम, पता और उम्र मेल नहीं खाता था। जिस पर किसान को पता चला कि उसके साथ धोखाधड़ी हुई है।
इस मामले को लेकर जब पत्रकारों ने उक्त केंद्र के प्रबंधक से बात की तो उन्होंने कहा कि मैंने अनिल कुमार नामक व्यक्ति से कार्ड बनवाया था। इस संबंध में संचालक ने अनिल कुमार के खाते में पैसे जमा होने के स्क्रीनशॉट भेजने की भी बात कही और अनिल कुमार का नंबर भी दिया।
जब पत्रकारों ने अनिल कुमार से बात करनी चाही तो बार-बार कॉल करने के बाद भी उन्होंने फोन नहीं उठाया। संचालका द्वारा भेजे गए स्क्रीन शॉट के मुताबिक सामने आया के वह पहले ही अनिल कुमार के खाते में हजारों रुपये जमा करा चुके हैं।
इससे साफ है कि यह धंधा काफी समय से चल रहा है। इस मामले में पीड़ितों व शहरवासियों ने इस गोरख धंधे को बंद कर केंद्र व्यवस्थापक, उसके एजेंटों व अन्य गिरोह के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
