इस जिले में 4 परसेंट सेक्स वर्कर HIV Positive, कॉल गर्ल्स की काउंसलिंग शुरू
hiv positive: सावधान! तराई में सेक्स वर्कर्स भी एचआईवी एड्स का संक्रमण बांट रही हैं।
एड्स नियंत्रण सोसाइटी को भेजी गई रिपोर्ट में बहराइच में 720 सेक्स वर्कर चिन्हित की गई हैं,
इनमें तीन से चार फीसद महिलाओं में जांच में एचआईवी की पुष्टि हुई है।
शहरी क्षेत्र व सीमावर्ती रुपईडीहा कस्बा सेक्स वर्कर के हाईरिस्क जोन में शामिल हैं,
जहां इस धंधे से जुड़ी महिलाएं बहुतायत में रहती हैं। हालाकि इस खुलासे के बाद
स्वास्थ्य विभाग व निजी संस्था इनकी काउंसलिंग कर रहा है,
ताकि इनसे जुड़े लोगों की जिंदगी लाइलाज बीमारी एड्स से बच सके।
भारत-नेपाल सीमा से लगा बहराइच एचआईवी एड्स के हाईरिक्स जोन में है।
एआरटी सेंटर की रिपोर्ट में 1500 से अधिक संक्रमित हैं। संक्रमित होने के असल वजह
असुरक्षित यौन संबंध बनाना ही है। ऐसे में 720 महिला सेक्स वर्कर्स भी सामने आई हैं,
जो इस बीमारी की परोक्ष रूप से संवहक के रूप में काम कर रही हैं।
राज्य एड्स नियंत्रण सोसाइटी की रिपोर्ट के मुताबिक यहां 720 महिलाए सेक्स वर्कर्स हैं।
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इस धंधे से जुड़ी महिलाएं भी जांच में एचआईवी संक्रमित मिल रही है,
जिनके संक्रमण की देर तेजी से बढ़ रही है। अंदेशा जताया जा रहा है
कि इनके संपर्क में आने वाले लोग भी संक्रमण का शिकार हो रहे,
जों अपनी पत्नी व बच्चों को भी इस लाइलाज बीमारी में धकेल रहे हैं।
इस खुलासे ने स्वास्थ्य विभाग की नींद उड़ा दी है। सोसाइटी की नामित संस्था शरणम् संस्थान को इन चिंहित
सेक्स वर्करों की काउंसिलिंग व सुरक्षित यौन संबंध बनाने के लिए सुरक्षा संसाधन मुहैया करा रहा है।
सेक्स वर्कर से संबंध से तीन जिंदगियों पर एड्स का संकट
शहर के युवा को सेक्स वर्कर के साथ शारीरिक संबंध बनाना खुद की नहीं पत्नी व गर्भ में पल रहे
नवजात की जिंदगी के लिए अभिशाप बन गया है। डिलीवरी के दौरान हुई
जांच में महिला एचआईवी संक्रमित मिली। पति की जांच हुई तो मामला सामने आया।
जैसे-तैसे चिकित्सकों ने डिलीवरी कराई है, लेकिन इस खुलासे ने कई और युवाओं की जिंदगी भी
सांसत में डाली है। लिहाजा यह खबर ऐसे प्रवृत्ति के लोगों को सावधान करने के लिए काफी है।
बेरोजगारी और नशेड़ी पति की वजह से बन रही सेक्स वर्कर
सेक्स वर्कर्स की बेहतरी के लिए काम करने वाले संदीप सिंह बताते हैं
कि अब तक सामने आई रिपोर्ट में पहली वजह बेरोजगारी है।
परिवार की जीविका चलाने के लिए इस दलदल में महिलाएं आ रही हैं,
दूसरी वजह पतियों का नशे का आदी होना है, जो उन्हें शारीरिक सुख नहीं देते हैं।
इन तथ्यों के आधार पर सरकारी योजनाओं से इन्हें जोड़ा जा रहा है,
ताकि इनकी जिंदगी में बदलाव लाया जा सके। इसके सार्थक परिणाम भी सामने आ रहे हैं।
सेक्स वर्करों को मुहैया करा रहे सुरक्षा साधन
डीएचईआईओ बृजेश सिंह बताते हैं कि चिंहित सेक्स वर्कर के बीच के ही लोगों को तैयार किया जा रहा है।
सुरक्षित यौन संबंध बनाने के लिए सभी जरूरी सुरक्षा साधन मुहैया कराया जा रहा है।
यह कार्य गोपनीय ढंग से हर रोज हो रहा है, ताकि इनके साथ जुड़े लोग सुरक्षित रह सकें।
क्या बोले सीएमओ
बहराइच के सीएमओ डॉ एसके सिंह ने कहा कि जिले में बड़े पैमाने पर
सेक्स वर्करों का होना एक बड़ी चुनौती है। हर छह माह में एचआईवी व तीन माह में
शारीरिक जांच हो रही है। सामने आने पर इनके परिवार की भी जांच हो रही है।
