अब हर पात्र व्यक्ति का बनेगा Aayusman card,गांव में आशाएं लोगों का सर्वे करेंगी
Aayusman card :जिले के हर पात्र व्यक्ति का आयुष्मान कार्ड बने इसके लिए
सरकार ने कवायद तेज कर दी है। गांव-गांव में आशाएं लोगों का सर्वे करेंगी।
जिन लोगों के कार्ड नहीं बने हैं उन्हें बनाने के लिए प्रेरित करेंगी।
साथ ही अपनी रिपोर्ट ब्लॉक कॉडिनेटर को देंगी। इसके बाद शिविर लगाकार
लाभर्थियों के कार्ड बनाए जाएंगे। तांकि लोग योजना का लाभ ले सकें।
मालूम हो कि जिले में बुधवार को आयुष्मान भव: योजना का शुभारंभ जिपं अध्यक्ष बसंती देव ने किया।
इसके अलावा सीएचसी कांडा, कपकोट तथा गरुड़ में योजना का शुभारंभ हुआ,
लेकिन अब यह योजना गांव-गांव तक पहुंचने वाली है। इसके लिए
विभाग ने आशाओं को जिम्मेदारी सौंपी है। मालूम हो कि जिले में करीब 450 आशाएं हैं
जो गांव-गांव में टीकाकरण के अलावा सरकार की योजना आम लोगों तक पहुंचाती हैं।
यह भी पढ़ें :60 हजार लोगों को मिलेंगे Aayusman card,PM के जन्मदिन से शुरू होगा अभियान
उनके पास गांव के लोगों का सटीक आंकड़ा भी होता है। कोरोना काल में यही आंकड़ा लोगों को
टीकाकरण कराने में मददगार रहा। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आशाओं के कार्य की सराहना की।
अब एक बार केंद्र की योजना को आम जन पहुंचाने के लिए सरकार ने आशाओं को फिर माध्मय बनाया है।
आशाएं गांव-गांव जाकर सर्वे करेंगी। साथ ही यह रिपोर्ट तैयार करेंगी कि
किन-किन लोगों का आयुष्मान कार्ड बना है। जिनका नहीं बना है उसकी सूची बनाकर विभाग को सौंपेंगी।
आशाओं की सर्वे के बाद उन लोगों के भी कार्ड बनने का रास्ता साफ हो जाएगा
जिनका किसी कारण से नहीं बन पाया। कार्ड किस माध्यम से बनेगा
यह अभी तय नहीं है, लेकिन सर्वे के बाद कार्ड बनने की कवायद तेज हो जाएगी।
– पांच लाख रुपये तक का होता है कार्ड से इलाज
बागेश्वर। आयुष्मान कार्ड धारकों का एक साल तक पांच लाख रुपये तक का इलाज मुफ्त होता है।
यह सरकारी अस्पताल के अलावा निजी अस्पताल में उपयोग होता है।
सरकार ने हल्द्वानी के पांच बड़े अस्पतालों को इसमें शामिल किया था।
जहां गरीब आदमी जाने से डरता था आज वह इलाज कराकर लौट रहा है।
– आयुष्मान कार्ड का सर्वे आशाओं द्वारा किया जाएगा। सर्वे रिपोर्ट आशाएं अपने
ब्लॉक कॉर्डिनेटर को देंगी। इसके बाद यह रिपोर्ट आगे भेजी जाएगी।
सरकार से जो निर्देश होंगे उसी आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
