Cas cylinder: अंगूठे की छाप में फंसी उज्ज्वला के चूल्हे की आंच, दिवाली पर फ्री सिलेंडर की राह में बाधा बन सकती है ये चूक
gas cylinder: भटहट की सुषमा को उज्ज्वला योजना में मुफ्त रसोई गैस सिलेंडर मिला है।
शुरू में उन्हें सब्सिडी की रकम मिल जाती थी, लेकिन बाद में यह बंद हो गई।
उन्होंने लंबे समय से सिलेंडर भी नहीं लिया, इस कारण सब्सिडी की जरूरत भी नहीं पड़ी।
ई-केवाइसी में अंगूठे के आधार पर सूचना अपडेट नहीं कराई।
अब उन्हें कनेक्शन, आधार कार्ड और बैंक खाते से जुड़ा ब्योरा हर हाल में अपडेट कराना ही होगा।
ऐसा न होने पर दिवाली पर मिलने वाले मुफ्त सिलेंडर योजना से वह वंचित हो सकती हैं।
हजारों लाभार्थियों ने वेबसाइट पर अपडेट नहीं की जानकारी
दिवाली पर उज्जवला योजना की लाभार्थियों को मुफ्त सिलेंडर की राह में
अंगूठा बाधा बन सकता है। जिले में ऐसे हजारों लाभार्थी हैं, जिन्होंने
नेशनल पेमेंट कारपोरेशन आफ इंडिया (एनपीसीआइ) की वेबसाइट पर पूरी जानकारी नहीं
उपलब्ध कराई है। इसके अलावा ई-केवाइसी भी कराना अनिवार्य है।
ई-केवाइसी में अंगूठे का बायोमीट्रिक भी जरूरी है। ऐसा न करने वालों के बैंक खाते में
मुफ्त सिलेंडर के रुपये नहीं जा पाएंगे। नोडल कंपनी इंडियन आयल
ऐसे लाभार्थियों की सूची बनाने में जुटी है जिनका पूरा डाटा अपडेट नहीं है।
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केंद्र सरकार उज्ज्वला योजना से जुड़ी महिलाओं को सिलेंडर खरीद पर सब्सिडी देती है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने होली और दिवाली पर एक-एक सिलेंडर मुफ्त देने की घोषणा की थी।
अब धरतरेस पर मुख्यमंत्री इस योजना का शुभारंभ करेंगे। इसके तहत
प्रदेश सरकार लाभार्थियों के बैंक खाते में सिलेंडर के रुपये भेजेगी।
जिले में इंडियन आयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के लाभार्थियों की
कुल संख्या दो लाख 77 हजार है। इन सभी को मुफ्त सिलेंडर का लाभ मिलेगा।
अधिकारियों का कहना है कि जिनके सभी दस्तावेज दुरुस्त होंगे,
उनके ही बैंक खाते में पहले चरण में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिये रुपये भेजे जाएंगे।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उज्ज्वला 2.0 शुरू होने पर सहजनवां की एक लाभार्थी महिला से
वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये बात कर सिलेंडर पर भोजन पकाने के फायदे पूछे थे।
क्या कहते हैं अधिकारी
उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों ई-केवाइसी और एनपीसीआइ पर
पूरा ब्योरा दर्ज करा लेना चाहिए। जनसुविधा केंद्रों के माध्यम से यह कार्य आसानी से संभव है।
–मुकेश कुमार, उप महाप्रबंधक, इंडियन आयल गोरखपुर क्षेत्र
