doctor: पांच साल तक झोलाछाप करता रहा इलाज, निकालनी पड़ी किडनी, ऐसे डॉक्टरों से सावधान…
doctor: गोरखपुर में कुशीनगर निवासी महिला को दर्द और बुखार की समस्या नजरअंदाज करना महंगा पड़ गया।
उसे बांयी तरफ की किडनी में पथरी थी। इसके कारण पेट में दर्द होता, बुखार चढ़ जाता।
वह घर के पास के झोलाछाप से इलाज करवा रही। संक्रमण इतना बढ़ गया कि अब उसकी किडनी निकालनी पड़ी है।
यह ऑपरेशन बीआरडी मेडिकल कॉलेज के यूरोलॉजिस्ट डॉ. नायब दानिश ने किया है।
छोटे चीरे के जरिए किए गए इस ऑपरेशन में महिला की बांयी किडनी निकालनी पड़ी है।
महिला की हालत खतरे से बाहर है। डॉ. दानिश ने बताया कि कुशीनगर के अहिरौली निवासी
आशा देवी को करीब पांच साल से पेट दर्द से परेशान रहीं। लंबे समय से उनके किडनी में पथरी बन रही थी।
धीरे-धीरे किडनी में पथरियों की संख्या 12 हो गई थी। पथरी के कारण उसकी किडनी की जाली और
उससे जुड़े हुए यूरिन ट्रैक में इंफेक्शन हो गया। इस इंफेक्शन से महिला को अक्सर बुखार हो जाता।
पेट में दर्द होता। इलाज कराने वह घर के पास के झोलाछाप doctor के पास जाती।
झोलाछाप उसे दर्द निवारक व एंटीबॉयोटिक दवाएं दे देता, जिससे कुछ देर में आराम मिल जाता था।
एक महीने पहले पहुंची बीआरडी
डॉ. दानिश ने बताया कि बीमारी को नजरअंदाज करने से उसकी हालत बिगड़ती चली गई।
करीब एक महीने पूर्व परिजन आशा को लेकर गंभीर हालत में बीआरडी पहुंचे।
जांच में पता चला कि इंफेक्शन से किडनी से होते हुए यूरीन ट्रैक तक फैल गया।
संक्रमण के कारण किडनी खराब हो गई। इंफेक्शन दूसरी किडनी को भी प्रभावित कर सकता था।
ऐसे में महिला की जान बचाने के लिए किडनी निकालना जरूरी हो गया।
ऑपरेशन कर निकाली गई किडनी
डॉ. दानिश ने बताया कि महिला की जान बचाने के लिए ऑपरेशन कर किडनी निकाला जरूरी हो गया।
इसे नेफ्रॉक्टमी कहते हैं। इस ऑपरेशन के बाद से उसकी हालत खतरे से बाहर है।
यह ऑपरेशन छोटे चीरे से किया गया। इस वजह से महिला को बीआरडी से 72 घंटे बाद छुट्टी दे दी गई।
– पथरी के कारण हो गया इन्फेक्शन, यूरिन ट्रैक में भी फंसी थी पथरी
– करीब पांच साल पेट दर्द से परेशान थी कुशीनगर की महिला
– ऑपरेशन के बाद महिला खतरे से बाहर है, छोटे चीरे से निकाली किडनी
